दक्षिण अफ्रीका में कोरोना ने एक बार फिर अपना पैर पसारना शुरू कर दिया है ।अफ्रीकी संघ एयू की विशेष स्वास्थ्य एजेंसी अफ्रीका एनआईसीडी ने कहा कि अफ्रीका में शुक्रवार दोपहर तक कोरोना वायरस के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 8,616,912 तक पहुंच गई। ये जानकारी पूरे महाद्वीप में महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 222,301 हो गई है। पहले जहां 100 केस रोज आते थे वही अब 1200 केस डेली आ रहे हैं दक्षिण अफ्रीका में पाया गया नया कोविड-19 वेरिएंट बी.1.1.529 मुख्य रूप से 25 वर्ष से कम आयु के लोगों को प्रभावित कर रहा है।

नई दिल्ली : साल 2020 पूरी तरह कोरोना वायरस की भेंट चढ़ चुका था। लोग बंद कमरों में रहने को मजबूर थे। करोड़ों लोग इसकी चपेट में आए। भारत में लगभग पांच लाख लोग इस अनजान बीमारी से मारे गए तो दुनिया भर में 52 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जैसे-तैसे जिंदगी सामान्य तरीके से चलनी शुरू हुई ही थी कि अब दक्षिण अफ्रीका में कोरोना का नया वेरिएंट पाया गया है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोनावायरस का एक नया वैरिएंट मिला है जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। दक्षिण अफ्रीका के नेशनल इंस्टीट्यूट फार कम्युनिकेबल डिजीज एनआईसीडी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी साझा की। B.1.1.529 नाम वाला ये वेरिएंट सबसे पहले बोत्सवाना में सामने आया था इसके बाद हांगकांग और दक्षिण अफ्रीका में इसके मामले मिले हैं। एनआईसीडी ने कहा कि जीनोमिक सीक्वेंसिंग के बाद वेरिएंट B 1.1.529 के 22 मामले दर्ज किए गए हैं।
पब्लिक हेल्थ सर्विलांस एंड रेस्पॉन्स की प्रमुख डॉ. मिशेल ग्रूम ने कहा हैरानी की बात ये है कि पॉजिटिव आने लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। इस वैरिएंट के सबसे ज्यादा मामले गॉवटेंग नॉर्थ वेस्ट और लिम्पोपो में सामने आए हैं। फिलहाल पूरे देश में एनआईसीडी समेत सभी राज्यों के स्वास्थ्य प्रशासन को सचेत कर दिया है दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला ने कहा वे बहुत जोखिम में हैं। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हम लगातार नजर बनाए हुए और इस वेरिएंट की निगरानी की जा रही ।
बी.1.1.529 नामक इस वैरिएंट में बहुत असामान्य बदलाव हैं जो चिंता की बात है। इन बदलावों के कारण नया वैरिएंट प्रतिरक्षा प्रणाली को भेद सकता है और वायरस को अधिक संक्रामक बना सकता है। दक्षिण अफ्रीका में ही पिछले साल पहली बार बीटा वैरिएंट प्रकाश में आया था। विशेषज्ञों की मानें तो ये वेरिएंट बहुत तेजी से फैल सकता है। साउथ अफ्रीका में इस महीने की शुरुआत में लगभग 100 नए मामले सामने आए थे जिनकी संख्या अब रोजाना 1,200 से ज्यादा हो गई है।