
बीजिंग। प्रकृति सूक्ष्मजीवविज्ञान पत्रिका ने ऑनलाइन कोविड-19 के स्रोत के बारे में एक अंतरराष्ट्रीय दल के अनुसंधान का परिणाम जारी किया। इस अध्ययन से पता चला है कि नोवेल कोरोना वायरस 40 से 70 साल पहले के वायरस से परिवर्तित हुआ है। वास्तव में इस तरह का वायरस चमगादड़ में कई दशकों से फैल चुके थे। अध्ययनकर्ताओं के विचार में वायरस के स्रोत का पता लगाना महामारी के नियंत्रण के लिए नाजुक है। अध्ययनकर्ताओं ने अनुसंधान में पाया गया है कि चमगादड़ इन वायरसों का मुख्य माध्यम है। इस अध्ययन दल के सदस्य अमेरिका के पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी, ब्रिटिश एडिनबर्ग युनिवर्सिटी, हांगकांग विश्वविद्यालय से आये हैं।
वहीं, बीबीसी ने एक रिपोर्ट में कहा है कि इस अध्ययन के परिणाम से ऐसे कथन निराधार बन गये हैं, जैसे वायरस लैब से निकला है या फिर इसे बनाया गया है। भारत में एक ही दिन में कोरोना के सर्वाधिक 55,079 मामले सामने आए हैं और इसी के साथ बीते 24 घंटे में 779 मौतें हुई हैं जिसके चलते अब देश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा 16,38,871 तक पहुंच गया है और अब तक 35,747 की मौत हो चुकी है।