अस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन लेने के बाद बहुत ही कम मामलों में खून का थक्का जमने की बीमारी (थ्रॉम्बोसिस थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम - टीटीएस) हो सकती है। हालांकि, यह एक दुर्लभ दुष्प्रभाव है और वैक्सीन के फायदे इस जोखिम से कहीं ज्यादा हैं।
Covishield vaccine : अस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन लेने के बाद बहुत ही कम मामलों में खून का थक्का जमने की बीमारी (थ्रॉम्बोसिस थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम - टीटीएस) हो सकती है। हालांकि, यह एक दुर्लभ दुष्प्रभाव है और वैक्सीन के फायदे इस जोखिम से कहीं ज्यादा हैं।
टीटीएस शरीर की असामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के कारण होने वाला एक दुर्लभ विकार है। यह कोविशील्ड (Covishield vaccine) सहित कुछ वैक्सीनों के कारण हो सकता है। इस बीमारी में खून के थक्के बनने के साथ ही शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या भी कम हो जाती है।
नहीं! कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield vaccine) लेने वाले सभी लोगों को टीटीएस को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। यह बहुत ही कम मामलों में होता है। अनुमान के अनुसार हर 50,000 लोगों में से सिर्फ 1 व्यक्ति को ही टीटीएस हो सकता है। भारत में लाखों लोगों को कोविशील्ड (Covishield vaccine) की वैक्सीन लग चुकी है।
टीटीएस का भले ही थोड़ा खतरा हो, लेकिन कोविशील्ड वैक्सीन (Covishield vaccine) के फायदे कहीं ज्यादा हैं। यह वैक्सीन कोविड-19 से बचाने में बहुत प्रभावी है और इससे होने वाली मौतों और बीमारियों को कम करती है।
इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
याद रखें
अगर आपको कोविशील्ड वैक्सीन या टीटीएस के बारे में कोई और सवाल है तो अपने डॉक्टर से जरूर पूछें।