
Hello Doctor (image- gemini)
Hello Doctor : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई गंभीर बीमारियां आम हो गई हैं और इनका सीधा असर हमारी हड्डियों व जोड़ों पर पड़ रहा है। घुटनों में दर्द, चलने पर आवाज आना, सूजन और ठंड में दर्द का बढ़ जाना जैसी समस्याएं अब कम उम्र के लोगों में भी तेजी से देखी जा रही हैं। कई बार जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद दर्द बना रहता है, जिससे लोग मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हो जाते हैं। आइए, डॉ. मणिकांत कोठारी से जानते हैं घुटनों के दर्द और इससे जुड़े उन सामान्य सवालों के जवाब, जो अक्सर लोगों के मन में चलते रहते हैं।
उत्तर: उम्र के कारण तो है ही, लेकिन यह बीमारी का लक्षण भी है। इसे मेडिकल लैंग्वेज में ऑस्टियोआर्थराइटिस कहते हैं। यदि वजन ज्यादा है या डायबिटीज है, तो यह जल्दी भी हो सकता है। वजन इसका सबसे बड़ा दुश्मन है।
उत्तर हां, ये अर्थराइटिस के शुरुआती लक्षण हैं। शुरू में सुबह उठते ही अकड़न रहती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ स्टिफनेस कम हो जाती है। यदि ध्यान न दिया जाए तो यह दर्द और सूजन में बदल जाती है। उचित समय पर जांच कराकर उपचार लेना चाहिए।
उत्तर: आराम तो जिंदगी में होना ही नहीं चाहिए। व्यायाम का जीवन में बहुत महत्व है, इसे इग्नोर नहीं किया जा सकता। आपको कम से कम 40 से 45 मिनट व्यायाम करना चाहिए। फिजियोथैरेपिस्ट की सलाह लेकर घुटनों के लिए सही एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है।
उत्तर: यह गठिया की बीमारी हो सकती है। यह अनुवांशिक होती है और महिलाओं में कॉमन है। ठंड के मौसम में यह बढ़ सकती है। आपको टेस्ट कराकर चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए, नहीं तो यह पूर्ण रूप से गठिया में बदल सकती है और सामान्य काम करने में परेशानी हो सकती है।
उत्तर: यदि दैनिक दिनचर्या में बहुत परेशानी हो रही है और बिस्तर से बाथरूम जाने में भी दिक्कत है, तो यह आवश्यक है कि आप अपना घुटना बदलवा लें। अब यह सर्जरी आराम से होती है और ऑपरेशन के बाद व्यक्ति नियमित दिनचर्या जी सकता है।
उत्तर: इसका सबसे कॉमन कारण फास्ट फूड और मोटापा है। यदि आपका वजन आपकी हाइट के अनुसार ज्यादा है, तो आपके घुटने लगातार एक्स्ट्रा वजन लेकर चल रहे हैं, जिसका असर आज नहीं तो कल घुटनों पर जरूर आएगा।
उत्तर: कैल्शियम की कमी से हड्डियों में दर्द होता है। विटामिन डी कम होने पर कैल्शियम हड्डियों में नहीं जाता, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और जोड़ों में दर्द होता है। लेकिन सिर्फ कैल्शियम काफी नहीं है; विटामिन डी, आयरन, मैग्नीशियम जैसे तत्वों का सेवन भी आवश्यक है।
उत्तर: घरेलू नुस्खों पर बिल्कुल विश्वास न करें। खान-पान में बदलाव (जैसे मेथी दाना भिगोकर खाना) फायदा कर सकता है, लेकिन इलाज के लिए घरेलू नुस्खों के भरोसे न रहें। डॉक्टर की सलाह लें और अपना नॉलेज बढ़ाएं। स्ट्रिक्टली कहें— "से नो टू घरेलू नुस्खा"।
Published on:
24 Jan 2026 03:23 pm
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