
खीरे में विटामिन ए, बी1, बी6 सी और डी, पोटैशियम, फॉस्फोरस, आयरन भरपूर मिलता है। यह कब्ज, पेट की बीमरियों और त्वचा से जुड़े रोगों में भी फायदेमंद है। नियमित इसका आहार में शामिल करने से कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है। लेकिन ध्यान रखें कि खीरा पहले से कटा नहीं होना चाहिए और दही खट्टी न हो। इससे दिक्कत हो सकती है।
गले में खराश आदि की दिक्कत है तो खीरे के पत्तों का 10-20 मिली. काढ़े में आधा ग्राम जीरा चूर्ण मिलाकर पीएं। जिन्हें यूरिन संबंधी दिक्कत है वह खीरे के बीज का 2-4 ग्राम काढ़े को दूध के साथ पीएं। कुछ दिनों में जलन आदि में आराम मिलेगा।
पैरों पर करें मालिश
जिन्हें पथरी है उन्हेंं भी खीरे के बीज से लाभ मिलता है। 3-4 ग्राम बीजों को दही के साथ नियमित खाने से पथरी घुलकर निकल जाती है। अनिद्रा के रोगी इसके गूदे को पीसकर पैर के तलवों पर मालिश करें। आंखों की जलन में भी लाभ मिलेगा।