
Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में अब फिर से वृद्धि होने लगी है। दूसरी लहर अभी तक पूरी तरह से खत्म हुई ही नहीं कि तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा महामारी को लेकर दिशा-निर्देशों भी जारी किए जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आईसीएमआर की स्टडी के जरिए चौंकाने वाला दावा किया जा रहा है। इस स्टडी के मुताबिक, कोरोना की वैक्सीन लगवाने के बावजूद जो लोग संक्रमित हुए थे, उनमें से 80 प्रतिशत लोग कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित थे।
हालांकि, इस स्टडी में बताया गया है कि टीका लगवा चुके लोगों में मृत्युदर बहुत कम थी। वैक्सीन लगवा चुके लगभग 677 लोगों पर यह स्टडी की गई थी। वैक्सीन लगवा चुके इन 677 लोगों में से 71 ने कोवैक्सिन की डोज ली थी जबकि बाकी 604 लोगों ने कोविशील्ड वैक्सीन की डोज लगवाई थी। प्रतिभागियों में से दो ने चीनी सिनोफार्म वैक्सीन भी ली थी। इन लोगों में से सिर्फ तीन लोगों की मौत हुई थी। आईसीएमआर का अध्ययन ऐसे लोगों किया गया था, जिन्होंने टीके की एक या दो खुराक ली थी।
स्टडी रिपोर्ट
कुल पॉजिटिव में 86.09% डेल्टा वेरिएंट के बी.1.617.2 से संक्रमित थे। इनमें से सिर्फ 9.8% गंभीर रूप से बीमार हुए थे, जबकि मात्र 0.4% मामलों में मौत देखी गई। इस अध्ययन के बाद यह सुझाव दिया गया है कि कोरोना टीकाकरण जरूरी है। टीकाकरण के बाद मौत की संभावना कम रहती है और ज्यादातर लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. टेड्रोस एडहनॉम गिब्रयेसॉस के मुताबिक, “कमेटी ने चिंता जताई है कि कोविड- 19 महामारी को लेकर ग़लत राय बनाई जा रही है कि ये ख़त्म होने जा रही है, जबकि फिलहाल ये महामारी ख़त्म होने के नज़दीक भी नहीं है।