स्वास्थ्य

Diabetes Drug Cure Cancer : शुगर की दवा से कैंसर का इलाज, रिसर्च में मिला नया सुराग

Diabetes Drug For Cancer : एक नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि टाइप-2 डायबिटीज़ की कुछ दवाएं प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में भी मददगार हो सकती हैं।

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May 09, 2025
Diabetes Drug May Cure Cancer New Research Sparks Hope

Diabetes Drug Cure Cancer : एक ताज़ा अंतरराष्ट्रीय शोध में यह बात सामने आई है कि टाइप-2 डायबिटीज़ की एक आम दवा पायोग्लिटाज़ोन (Pioglitazone), प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में भी असरदार साबित हो सकती है। यह अध्ययन ऑस्ट्रिया की मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ वियना के वैज्ञानिकों ने किया है।

Diabetes Drug Cure Cancer : एक ही जैविक रास्ता – दो बीमारियां

वैज्ञानिकों ने पाया कि डायबिटीज़ और कैंसर दोनों कुछ हद तक एक जैसे जैविक रास्तों (बायोलॉजिकल मेकैनिज्म) से जुड़ी बीमारियां हैं। इसमें एक खास प्रोटीन PPARγ (Peroxisome Proliferator-Activated Receptor Gamma) अहम भूमिका निभाता है, जो शरीर में मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।

डायबिटीज़ की दवा, कैंसर की ढाल (Diabetes Drug Cure Cancer)

PPARγ को पहले से ही डायबिटीज़ की दवाओं, खासकर थायाजोलिडिनडायोन्स (Thiazolidinediones) जैसे कि पायोग्लिटाज़ोन के ज़रिए निशाना बनाया जाता है। रिसर्च में यह साफ़ हुआ कि यह दवा PPARγ की गतिविधि को प्रभावित करती है और कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि और चयापचय को धीमा कर देती है।

मरीजों में दिखा सकारात्मक असर

शोधकर्ताओं ने प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों की कोशिकाओं और टिशू सैंपल्स पर यह अध्ययन किया। खास बात यह रही कि डायबिटीज़ के ऐसे मरीज जिन्हें PPARγ पर काम करने वाली दवाएं दी गईं, उनमें प्रोस्टेट कैंसर दोबारा लौटने के कोई लक्षण नहीं मिले।

प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते मामले

दुनियाभर में प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में सबसे आम कैंसर बन चुका है। वर्ष 2020 में ही इसके करीब 1.4 मिलियन नए मामले और 3.75 लाख मौतें दर्ज की गईं।

नई दिशा की ओर कदम

इस खोज से यह संकेत मिलता है कि यदि आगे और अध्ययन सफल होते हैं, तो डायबिटीज़ की कुछ पुरानी दवाएं प्रोस्टेट कैंसर के खिलाफ एक नया और सुरक्षित इलाज बन सकती हैं।

अब आगे क्या?

शोधकर्ता अब PPARγ की भूमिका को और गहराई से समझने के लिए आगे के अध्ययन की योजना बना रहे हैं। इसका मकसद है प्रोस्टेट कैंसर के लिए टारगेटेड थैरेपी विकसित करना, जिससे सर्जरी और रेडियोथेरेपी जैसी जटिल प्रक्रियाओं की ज़रूरत कम हो सके।

भारत में पायोग्लिटाज़ोन के ब्रांड नाम

भारत में पायोग्लिटाज़ोन (Pioglitazone) कई कंपनियों द्वारा विभिन्न ब्रांड नामों से बेची जाती है। कुछ प्रमुख नाम हैं:

Pioz (उत्पादक: USV Ltd.)

Glizone (Alembic)

Pioglit (Sun Pharma)

Actozet (Takeda - कुछ देशों में)

Piokare (Intas)

Trioglitazone, Piomed, आदि।

कभी-कभी यह दवा मेटफॉर्मिन के साथ कॉम्बिनेशन टेबलेट में भी दी जाती है, जैसे:

Pioz MF

Glizone-MF

आपको यह दवा डॉक्टर की सलाह पर ही लेनी चाहिए।

संभावित साइड इफेक्ट्स

हालांकि पायोग्लिटाज़ोन एक प्रभावशाली दवा है, लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव (side effects) भी हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

सामान्य साइड इफेक्ट्स:
वजन बढ़ना (Weight gain)

सूजन (Fluid retention, खासकर टखनों में)

सिरदर्द या थकान

हल्की हाइपोग्लाइसीमिया (खासकर जब अन्य दवाओं के साथ ली जाए)

गंभीर साइड इफेक्ट्स (कम लेकिन संभव):

दिल की विफलता (Heart failure) – खासकर जिन लोगों को पहले से हार्ट की समस्या है।

हड्डियों का कमजोर होना (Bone fractures) – खासकर महिलाओं में लंबे समय के उपयोग पर।

मूत्राशय कैंसर का थोड़ा बढ़ा जोखिम (बहुत लंबे समय तक उपयोग पर – यह डेटा अभी भी शोध के अधीन है)।

लिवर एंजाइम्स में बदलाव – लिवर फंक्शन की मॉनिटरिंग ज़रूरी होती है।

सावधानियां:

यदि आपको दिल की बीमारी, लीवर की समस्या, या मूत्राशय से जुड़ी कोई परेशानी है, तो इस दवा को लेने से पहले डॉक्टर से जरूर परामर्श लें।

नियमित ब्लड शुगर और लिवर फंक्शन टेस्ट कराना ज़रूरी होता है।

Cancer: इन लक्षणों को ना करें इग्नोर, हो सकता है ये खतरनाक कैंसर

Updated on:
09 May 2025 05:15 pm
Published on:
09 May 2025 05:14 pm
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