जॉक इचिंग, जिसे दाद (Ringworm) या क्रॉच मायकोसिस (crotch mycosis) भी कहा जाता है, यह फंगस से होने वाला एक त्वचा संक्रमण (skin infection) है जो पुरुषों के जननांगों और जांघों के अंदरूनी हिस्से को प्रभावित करता है। यह नमी और गर्मी में पनपने वाले फंगस (fungus ) के कारण होता है।
जॉक इचिंग, जिसे दाद (Ringworm) या क्रॉच मायकोसिस (crotch mycosis) भी कहा जाता है, यह फंगस से होने वाला एक त्वचा संक्रमण (skin infection) है जो पुरुषों के जननांगों और जांघों के अंदरूनी हिस्से को प्रभावित करता है। यह नमी और गर्मी में पनपने वाले फंगस (fungus ) के कारण होता है।
जॉक इचिंग, जिसे दाद या क्रॉच माइकोसिस भी कहा जाता है, यह फंगस के कारण होने वाला एक त्वचा संक्रमण है। यह आमतौर पर पुरुषों में जांघों, नितंबों और लिंग के आसपास होता है।
खुजली: यह जॉक इचिंग का सबसे आम लक्षण है। खुजली तीव्र हो सकती है और रात में खराब हो सकती है।
लाल चकत्ते: छोटे, लाल, खुजली वाले चकत्ते जो आमतौर पर अंडाकार या गोलाकार होते हैं।
दाद: त्वचा पर चमड़े के रंग के या भूरे रंग के पैच।
त्वचा का फटना: त्वचा सूखी, लाल और फटी हुई हो सकती है।
नमी: पसीना और नमी फंगस के पनपने के लिए एक आदर्श वातावरण बनाते हैं।
गंदगी: गंदे कपड़े और अंडरवियर फंगस को पनपने में मदद करते हैं।
घर्षण: तंग कपड़े और गतिविधियां त्वचा को रगड़ सकती हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती हैं।
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली: कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों में जॉक इचिंग होने का खतरा अधिक होता है।
साफ-सफाई: नियमित रूप से स्नान करें और अपने क्रॉच एरिया को साबुन और पानी से धोएं।
सूखा रखें: अपने क्रॉच एरिया को सूखा रखें। नहाने या व्यायाम के बाद इसे अच्छी तरह से सुखा लें।
कपड़े बदलें: रोजाना साफ अंडरवियर और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
सामान साझा न करें: तौलिए, कपड़े या रेज़र जैसे व्यक्तिगत सामान साझा न करें।
नम वातावरण से बचें: गर्म और नम वातावरण से बचें।
कॉर्नस्टार्च: प्रभावित क्षेत्र पर कॉर्नस्टार्च छिड़कें। यह नमी को सोखने और खुजली से राहत दिलाने में मदद करता है।
नारियल तेल: नारियल तेल में एंटीफंगल गुण होते हैं जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। प्रभावित क्षेत्र पर नारियल तेल लगाएं।
दही: दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो हानिकारक बैक्टीरिया को मारने में मदद करते हैं। प्रभावित क्षेत्र पर दही लगाएं।
एलोवेरा: एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो खुजली और जलन से राहत दिलाने में मदद करते हैं। प्रभावित क्षेत्र पर एलोवेरा जेल लगाएं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यदि जॉक इचिंग का इलाज जल्दी नहीं किया जाता है, तो यह फैल सकता है या अधिक गंभीर हो सकता है। यदि आपको जॉक इचिंग के लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।