
कारोना में बुखार को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर पैरासिटामोल देने की सलाह देते हैं। बुखाार आने पर 4-6 घंटे के अंतराल पर इसे लेना चाहिए। 24 घंटे में केवल चार बार ही लेना चाहिए। सीनियर फिजिशियन डॉ. अरविंद पालावत का कहना है कि पैरासिटामोल अधिकतम 2.5 ग्राम तक लिया जा सकता है। व्यस्क व्यक्ति 650 मिग्री की तीन या फिर डॉक्टरी सलाह से अधिकतम चार खुराक ले सकता है। इससे ज्यादा लेने पर लिवर या पाचन पर भी असर पड़ता है। अगर किसी का बुखार चार बार भी पैरासिटामोल लेने से नहीं उतर रहा है तो तत्काल अपने डॉक्टर को बताएं। इसके साथ कई दूसरी दवा देने की जरूरत पड़ सकती है। छोटे बच्चों में भी बुखार होने पर पैरासिटामोल (10-15 मिलीग्राम/ किग्रा/खुराक) दिन में अधिकतम चार बार दे सकते हैं।
नाक में नींबू रस डालने से नकसीर की दिक्कत हो सकती
को रोना के इलाज को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि अगर नाक में तीन-तीन बूंद नींबू का रस डालते हैं तो कोरोना का संक्रमण दूर हो जाएगा। सर्दी-खांसी-जुकाम और बुखार में भी आराम मिलेगा। लेकिन इसकी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. सीताराम गुप्ता का कहना है कि नींबू के रस का नस्य क्रिया का वर्णन नहीं है। केवल बिजौरा नींबू की जड़ और पुष्प के रस का नस्य क्रिया में इस्तेमाल करना बताया गया है लेकिन उसमें भी तीन हिस्सा पानी मिलना होता है। नींबू का रस नाक में डालने उल्टी, नाक में जलन या फिर नाक से खून आना यानी नकसीर की दिक्कत हो सकती है।