स्वास्थ्य

क्या सर्जरी से जुड़ी ये गाइडलाइन आपको पता हैं?

जांच, इलाज से लेकर सर्जरी तक हर चीज के लिए गाइडलाइंस बनाई गई हैं, जिसके आधार चिकित्सक मरीज का इलाज करते हैं। पेट से जुड़ी सर्जरी के लिए गाइड लाइन सोसायटी ऑफ अमरीकन गैस्ट्रोइंटेस्टिनल एंड इंडोस्कोपिक सर्जन (ASGE) गाइड लाइन बनाती है

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Dec 23, 2019
सर्जरी  गाइडलाइन

अमरीका की इस इंटरनेशनल सोसायटी के 55 देश सदस्य हैं। यह तय करती है कि इससे जुड़ी सर्जरी से पहले कौन सी जांचें जरूरी है। इसके अलावा ओटी में इक्विपमेंट के लिए भी है स्टैंडर्ड गाइड लाइन तय करती है। इनकी पालना भी जरूरी है। यह बताती है कि ओपन व इंडोस्कोपी किस बीमारी के लिए जरूरी है। सोसायटी सर्जरी करने वाले सर्जन के लिए भी गाइड लाइन तय करती है।
किस बीमारी में कौन सी जांच की जाती
आंतों से जुड़े कैंसर की सर्जरी से पहले कौन से टेस्ट कराने चाहिए, क्या सीटी स्कैन, एमआरआई आदि की जरूरत है! किस बीमारी में किस तरह की सर्जरी ओपन या एंडोस्कोपी की जाए? गाइडलाइन में सर्जरी के दौरान, बाद में सावधानियां भी तय की गई हैं। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी करने वाले सर्जन के लिए सीनियर सर्जन के साथ 20 सर्जरी का अनुभव जरूरी है। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से पहले बीमारी को लोकलाइज करना जरूरी होता है। इससे पहले सर्जरी नहीं की जा सकती है।

गाइड लाइन से डॉक्टर-मरीज दोनों को फायदा
लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में ओंको से जुड़ी मामलों के लिए भी गाइडलाइन बनाई गई है। इससे मरीज को बेहतर रिजल्ट मिलता है और दिक्कतों से बचाव होता है। पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों की सर्जरी से भी जुड़ी गाइड लाइन हैं। मरीजों की डाइग्नोसिस के लिए एडवांस तकनीक का होना जरूरी है। निजी हॉस्पिटल के लिए भी ASGE की ये गाइडलाइन लागू होती हैं।
एक्सपर्ट : डॉ. सुमिता ए. जैन, जनरल सर्जन, जयपुर

Published on:
23 Dec 2019 05:14 pm