स्वास्थ्य

समय से काम पूरा करना भी देता है हमें खुशी

कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि काम के प्रति जुनून जरूरी नहीं कि गुणवत्ता भी लाए

2 min read
Sep 06, 2020
समय से काम पूरा करना भी देता है हमें खुशी
समय से काम पूरा करना भी देता है हमें खुशी

रचनात्मक लोग दिमाग को शांत रखने पर जोर देते हैं। कलाकार और लेखक जेनी ओडेल का तर्क है कि समय से काम खत्म करने से हमें खुशी का अहसास होता है और हमारी उत्पादकता भी बढ़ जाती है। कुछ न करना आपको तरोताजा महसूस नहीं करवाता बल्कि काम को इस तरह पूरा करना कि आपके दिमाग को बहुत ज्यादा थकान न हो हमें ज्यादा रचनात्मक बनाता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने लिए कुछ देर का समय निकाल पाना भी बहुत मुश्किल है। काम का अत्यधिक बोझ हमारी उत्पादकता और परिणाम देने की क्षमता को प्रभावित करता है। सरकार और कंपनियां 'आउटपुट पर आवर' (Output Per Hour) की तर्ज पर हमारी उत्पादकता का अनुमान लगाती हैं। लेकिन स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platforms) ने हमें घर पर भी काम से जोड़ दिया है। दुनिया भर में सप्ताहिक कार्यदिवस घटाने की मांग बढ़ रही है। प्रोडक्टिविटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि पहले की तुलना में आज हमारे दिमाग को मानसिक और शारीरिक आराम की ज्यादा जरुरत है।

इसलिए जरूरी है 'फुर्सत'
एन्ड्रीसेन का कहना है कि ध्यान लगाकर योजनाबद्ध तरीके से किए गए काम और स्वतंत्र रूप से दिमाग में आने वाले विचारों में अंतर होता है। लेकिन सामान्य तौर पर फोकस्ड हो काम करना तभी संभव है जब हमारा दिमाग थका हुआ न हो।

सही तरीका अपनाएं
अपनी किताब 'ऑफ द क्लॉक' (Off the Clock) के लिए लेखिका लौरा वेंडरकम ने कर्मचारियों को सोमवार को एक टाइम डायरी रिकॉर्ड करने के लिए कहा। जिन लोगों ने 'समय से अपना काम' करने की बात कही उन्होंने माना कि वे ज्यादा खुश थे और उन्हें उपलब्धि का अहसास हो रहा था। इन लोगों ने काम के दौरान मोबाइल, सोशल मीडिया स्टेटस और ईमेल कम चेक किया था। मनोवैज्ञानिक नैन्सी एन्ड्रीसेन का कहना है कि कला, विज्ञान और गणित से जुड़े लोगों पर अध्ययन के दौरान उन्होंने पाया कि स्वतंत्र रूप से काम करने पर दिमाग की रचनात्मकता का स्तर बढ़ जाती है।

एक नज़र में
-04 दिन के कार्यदिवस की मांग बढ़ रही है विकसित देशों में मिलेनियल्स की
-9000 कर्मचारियों पर इस विषय के लिए शोध किया गया था
-1929 में आई आर्थिक मंदी के बाद ही उत्पादकता राष्ट्रीय पूर्वाग्रह में तब्दील हो गई थी

Published on:
06 Sept 2020 05:11 pm