इस वक्त देश के कई राज्यों में प्रदूषण बढ़ने के कारण सांस लेना दूभर हो रहा है। यहां तक की स्मॉग से यूपी दिल्ली जैसे कई राज्यों में रहने वाले लोगों को घरों से निकलने में सौ बार सोचना पड़ रहा है। अस्थमा सांस की बीमारी से ग्रस्त लोगों को इस जहरीली वातावरण में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। वातावरण में आपको सफेद रंग की कोहरे की चादर नजर आएगी ये कोई फॉग नहीं बल्कि हानिकारक स्मॉग है।तो आइए जानते हैं प्रदूषण और स्मॉग के दुष्प्रभावों बचे रहने के आसान उपाय ।

नई दिल्ली : भीषण सर्दी और कोहरे के साथ ही लोगों को वायु प्रदूषण से भी जूझना पड़ रहा है। वायु प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ जितेंद्र नागर के मुताबिक तापमान में कमी आने पर वातावरण में नमी बढ़ जाती है। कोहरा भी होता है। ऐसे मौसम में जब औद्योगिक इकाइयों का उत्सर्जन वाहनों से होने वाला प्रदूषण और अलाव जलाने से होने वाला प्रदूषण वायुमंडल में मिलकर स्मॉग बनाता है तो वायुमंडल जहरीली गैसों का चैंबर बन जाता है। स्मॉग भी एक तरह के प्रदूषण की कैटेगरी में ही शामिल होता है। वातावरण में प्रदूषण बढ़ने स्मॉग आदि से सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। फेफड़ों और सांस की नली में समस्या हो सकती है। साथ ही लंग्स इंफेक्शन हार्ट डिजीज आंखों में समस्या आदि हो सकती है। यदि आप भी प्रदूषण और स्मॉग से बचे रहना चाहते हैं, तो जरूर अपनाएं ये घरेलू इलाज या नुस्खे
प्रदूषण और स्मॉग के दुष्प्रभावों बचे रहने के आसान उपाय
1. बिना काम के ना जाएं घर से बाहर
प्रदूषण और स्मॉग वातावरण में जहर की तरह फैल चुका है। इससे खुद को सुरक्षित रखना है, तो बेफिजूल बिना काम के घर से बाहर निकलने से बचें । बच्चों को भी बाहर देर तक ना घूमने दें। दिवाली के बाद से ही हवा में जहरीली गैस मौजूद हैं। ये सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ट्रैफिक भी पहले से बढ़ गया है, इससे पेट्रोल, डीजल आदि के भी धुएं वातावरण में फैल रहे हैं। ये सभी हानिकारक गैस फेफड़ों को किसी ना किसी रूप में प्रभावित कर सकते हैं।
2. प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए हेल्दी डाइट लें
अपनी डाइट में हरी सब्जियों, मौसमी फलों को भरपूर शामिल करें। विटामिन सी से भरपूर फलों सब्जियों का सेवन करें। विटामिन सी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती देते हैं। नींबू संतरा मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन नियमित रूप से करेंगे तो ही प्रदूषण के साइड एफेक्ट्स का असर आपके शरीर पर नहीं होगा।
3. गुड़ खाकर स्मॉग प्रदूषण के साइड एफेक्ट्स से बचें
गुड़ कितना फायदेमंद होता है, यह ज्यादातर लोगों को पता है, बावजूद इसके उनकी डाइट में यह नेचुरल स्वीटनर शामिल नहीं होता है। गुड़ में आयरन काफी होता है जो शरीर में हिमोग्लोबीन की मात्रा को सुधारता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने के लिए भी गुड़ खाना फायदेमंद माना गया है। गुड़ में कुछ खास तत्व शरीर को स्मॉग और प्रदूषण से सुरक्षित रखते हैं। शरीर को नेचुरली डिटॉक्स करते हैं।