स्वास्थ्य

Health tips : जीवन भर स्वस्थ रहने के लिए ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर में खाएं यह चीजें

Health tips : हमेशा स्वस्थ और लंबा जीवन जीने के लिए आपको अपने लंच, ब्रेकफस्ट और नाश्ते में इन चीजों को शामिल करना चाहिए।
2 min read
• •
Updated: 19 Aug 2021, 12:29 PM IST
Health tips
Health tips

हमारे द्वारा ग्रहण किए गए आहार का हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ता है। आप जितना अच्छा खाएंगे पीएंगे, आप उतना ही स्वस्थ रहेंगे। इसलिए आप अपने लंच, डिनर और ब्रेकफास्ट में इन चीजों को शामिल कीजिए। इससे आप हमेशा स्वस्थ रहने के साथ ही लंबा जीवन जिएंगे।

दरअसल, हमारा लंच, डिनर और ब्रेकफास्ट मौसम के अनुसार होना चाहिए। इस समय बारिश का मौसम चल रहा है। इस कारण मौसम को देखते हुए हमारा भोजन इस प्रकार रहना चाहिए।

ब्रेकफास्ट -

बारिश के मौसम में वैसे तो सभी लोग गरमा गरम खाना पसंद करते हैं। इसलिए आप नाश्ते में गर्म पोहे, उपमा, इडली और पराठे आदि खा सकते हैं।इसके साथ आप ब्लैक टी या ब्लैक कॉफी भी ले सकते हैं।

लंच -

बारिश के मौसम में पाचन तंत्र गड़बड़ नहीं हो। इसलिए हमें हल्का भोजन करना चाहिए। लंच में अधिकतर तला गला खाने की बजाय दाल, सब्जी, रोटी, चावल आदि लेना चाहिए। दही और छाछ लेना भी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। दाल आप मूंग या मसूर की ले सकते हैं। जो पाचन में भी आसान होती है।

डिनर -

डिनर याने की रात का खाना जितना हल्का हो उतना फायदेमंद होता है। रात में आपको भारी चीजें खाने से बचना चाहिए। हो सके तो आप नमकीन दलिया या सब्जी रोटी खाएं। खिचड़ी भी इस मौसम में बेहतर होती है। आप भोजन सोने से करीब 2 घंटे पहले कर ले और रात में हल्दी वाला एक गिलास गर्म दूध जरूर पिए। जो विभिन्न प्रकार के इंफेक्शन से भी बचाएगा।

खाने में इन बातों पर भी रखें ध्यान-

बारिश के मौसम में कम वसा वाली दाल और सब्जियों का सेवन करें। मौसमी फल का सेवन करें। जल्दी पचने वाला और हल्का खाना खाए।बारिश में इंफेक्शन बहुत जल्दी होता है। इसलिए आप घर साफ सुथरा रखें और खाना भी साफ सुथरा और ताजा हो। नमी की वजह से प्यास कम लगेगी। लेकिन भरपूर पानी पिए। नींबू जरूर खाएं। शिकंजी भी पी सकते हैं। फल और सब्जियों को हमेशा काट कर खाएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
19 Aug 2021, 12:29 PM IST
Published on:
Also Read
View All
Pins and Needles Sensation: थोड़ी देर बैठकर उठते ही पैरों में चींटियां चलने का एहसास किस कारण से होता है, हेल्थलाइन से जानें बचाव के उपाय

Hypersalivation: बिना कुछ खाए भी मुंह में पानी क्यों भरने लगता है? हेल्थलाइन से समझें इसके लक्षण

Autophony: कान में अपनी ही आवाज गूंजती हुई क्यों सुनाई देती है? जॉन हॉपकिंस मेडिसिन से जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

Body Odor After Shower: नहाने के बाद भी शरीर से अजीब गंध आती है? इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं, मेयो क्लिनिक से जानें

Aphthous Ulcers: मुंह में बार-बार छाले क्यों पड़ते हैं? कब जांच कराना जरूरी है, क्लीवलैंड क्लिनिक और डर्मनेट से जानें