स्वास्थ्य

Electric Shock: बिजली का करंट लगने पर ये 5 गलतियां पड़ सकती हैं भारी, Mayo Clinic और NCBI से जानिए सही फर्स्ट एड

Electric Shock Treatment: मेयो क्लिनिक, क्लीवलैंड क्लिनिक और NCBI के अनुसार बिजली का करंट लगने पर सही फर्स्ट एड जानना जरूरी है। जानिए कौन-सी 5 गलतियां जानलेवा साबित हो सकती हैं।
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Jul 01, 2026
Electric Shock Electrical Burn Electrical Injury
बिजली का करंट लगने के बाद सही फर्स्ट एड और बचाव (photo- gemini ai)

Electrical Shock First Aid: घर में खराब वायरिंग, गीले हाथों से स्विच छूना, खुले तार या बारिश के मौसम में बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल, ये छोटी-छोटी लापरवाहियां कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर करंट लगने के बाद व्यक्ति उठकर बैठ गया या बात करने लगा, तो अब सब ठीक है। लेकिन यह सोच कई बार खतरनाक साबित हो सकती है।

मेयो क्लिनिक, क्लीवलैंड क्लिनिक और NCBI (StatPearls) के अनुसार, बिजली का करंट सिर्फ त्वचा को नहीं जलाता, बल्कि शरीर के अंदर दिल, नसों और मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए सही समय पर सही फर्स्ट एड देना बेहद जरूरी है।

सबसे पहले क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति को करंट लगा है, तो सबसे पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें। जब तक बिजली का स्रोत बंद न हो जाए, तब तक पीड़ित को सीधे हाथ न लगाएं। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको भी करंट लग सकता है। Mayo Clinic सलाह देता है कि सबसे पहले मेन स्विच बंद करें या सूखी लकड़ी, प्लास्टिक या रबर जैसी बिजली न पहुंचाने वाली वस्तु की मदद से व्यक्ति को बिजली के स्रोत से अलग करें।

गलती नंबर 1: करंट लगने वाले व्यक्ति को तुरंत छू लेना

घबराहट में लोग सबसे पहले यही गलती करते हैं। अगर बिजली का प्रवाह अभी भी जारी है, तो पीड़ित को सीधे छूने से बचाने वाला व्यक्ति भी करंट की चपेट में आ सकता है।

गलती नंबर 2: यह मान लेना कि सब कुछ ठीक है

कई बार करंट लगने के बाद शरीर पर कोई बड़ा घाव दिखाई नहीं देता, लेकिन अंदरूनी चोट हो सकती है। Cleveland Clinic के अनुसार, बिजली का करंट दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकता है, मांसपेशियों और नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए व्यक्ति सामान्य दिखे, तब भी डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

गलती नंबर 3: जले हुए हिस्से पर बर्फ या टूथपेस्ट लगाना

हमारे यहां अक्सर जलने पर टूथपेस्ट, घी, तेल या बर्फ लगाने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह सही तरीका नहीं है। Mayo Clinic के अनुसार, जले हुए हिस्से को ठंडे (बहुत ठंडे नहीं) बहते पानी से कुछ मिनट तक धोएं और फिर साफ, सूखी तथा स्टेराइल पट्टी से ढक दें। घरेलू नुस्खों से बचें।

गलती नंबर 4: बेहोश व्यक्ति को पानी पिलाना

अगर करंट लगने के बाद व्यक्ति बेहोश है या ठीक से प्रतिक्रिया नहीं दे रहा, तो उसे पानी या कोई भी चीज खाने-पीने के लिए न दें। इससे सांस की नली में रुकावट का खतरा हो सकता है। अगर व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है या नाड़ी महसूस नहीं हो रही है, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाएं और यदि प्रशिक्षण प्राप्त हो तो सीपीआर (CPR) शुरू करें।

गलती नंबर 5: अस्पताल जाने में देरी करना

कुछ लोग हल्का करंट लगने पर इलाज की जरूरत नहीं समझते। लेकिन NCBI के अनुसार, बिजली का असर कई बार कुछ घंटों बाद भी सामने आ सकता है। इसलिए अगर करंट तेज था, व्यक्ति बेहोश हुआ था, जलने के निशान हैं, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, कमजोरी या हाथ-पैर सुन्न होने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

करंट लगने के बाद किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

  • सीने में दर्द या धड़कन तेज होना
  • सांस लेने में परेशानी
  • बेहोशी या चक्कर आना
  • शरीर पर जलने के निशान
  • हाथ-पैर में कमजोरी या सुन्नपन
  • भ्रम या बोलने में कठिनाई

इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

कैसे करें बचाव?

  • गीले हाथों से कभी बिजली के स्विच या उपकरण न छुएं।
  • खराब तार और टूटे हुए प्लग का इस्तेमाल न करें।
  • बच्चों को खुले बिजली के पॉइंट से दूर रखें।
  • बारिश के दौरान खुले तारों और पानी भरे इलाकों में विशेष सावधानी बरतें।
  • घर की वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Published on:
01 Jul 2026 01:20 pm