स्वास्थ्य

कोरोना में ही नहीं सामान्य जीवन में भी व्यायाम करने से हमारा दिल-ओ-दिमाग बेहतर ढंग से काम करता है

लॉकडाउन और कोरोना ही हमें हेल्थ कॉन्सियस बना दिया है लेकिन हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां शारीरिक फिटनेस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। हम सभी एक सेकंडरी लाइफ स्टाइल जीने के अभ्यस्त हो गए हैं। लेकिन दर्जनों वैज्ञानिक शोधों ने यह साबित कर दिया है कि व्यायाम करने से हमारा दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है और मन भी शांत रहता है।

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Aug 05, 2020
कोरोना में ही नहीं सामान्य जीवन में भी व्यायाम करने से हमारा दिल-ओ-दिमाग बेहतर ढंग से काम करता है
कोरोना में ही नहीं सामान्य जीवन में भी व्यायाम करने से हमारा दिल-ओ-दिमाग बेहतर ढंग से काम करता है

बेहतर प्रबंधन में मदद- हमारे दिमाग को कभी कभी गहरी सोच और चिंतन की आवश्यकता होती है। इसके लिए व्यायाम बहुत महत्त्वपूर्ण है। इससे हम आर्गेनाईजेशन, मैनेजमेंट, प्लानिंग और प्रॉब्लम सॉल्विंग पर निपुणता पा सकते हैं।

आईक्यू लेवल बढ़ता- कुछ वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह भी सामने आया है कि व्यायाम करने से हमारे दिमाग का आई क्यू लेवल बढ़ जाता है।

काम में लगता मन- व्यायाम करने से आपका दिमाग बेहतर तरीके से काम पर ध्यान दे पाता है। जो लोग व्यायाम करके स्वयं को स्वस्थ रखते हैं वह अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाते हैं।

दिमागी क्षमता बढ़ती - व्यायाम करने से हमारे दिमाग की क्षमता बढ़ जाती है। हमारा दिमाग तेज हो जाता है और तीव्रता से काम करने लगता है। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद है जिन्हें मल्टीटास्किंग करनी होती है।

इच्छा शक्ति बढ़ती - व्यायाम से आत्म-संयम मिलता है जिससे हमारी इच्छा शक्ति बढ़ जाती है जिससे हम कठिन से कठिन कार्य आसानी से कर पाते हैं।

भावनाओ को नियंत्रण में रखे- भावनाएं मन की मनोवैज्ञानिक स्थिति को दर्शाती हैं। व्यायाम आपकी भावनाओं पर नियंत्रण रखने के लिए भी सहायक है। व्यायाम मन से नकारात्मकता को हटाता है और आपको सोचने का एक नया दृष्टिकोण देता है।

याद्दाश्त होती तेज़- व्यायाम करने से हमारी याददाशत तेज होती है। इससे हमारी किसी भी स्थिति को समझने की क्षमता भी बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार मनुष्य को प्रतिदिन 30 मिनट व्यायाम अवश्य करना चाहिए।

Published on:
05 Aug 2020 01:51 pm