दुनिया में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के बावजूद अमरीका में लोगों व सरकार की तीन बड़ी गलतियां रहीं जो उस पर भारी पड़ी। इसके बाद उठाए गए हर कदम कोरोना को हराने में छोटे साबित हुए। इनसे हमें सबक लेना होगा। अमरीका के कैलिफोर्निया में स्क्रीनिंग मॉनिटरिंग कर रहे क्लीनिकल फार्माकोलॉजिस्ट व साइकेट्रिस्ट डॉ. अनिल शर्मा से वहां के हालातों पर पत्रिका संवाददाता रमेश कुमार सिंह ने बातचीत की।

दुनिया में सबसे ज्यादा अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या हो गई है। वहां 20 अप्रेल 764,265 संक्रमित और 40,565 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। हालात यह हैं कि 19 अप्रेल को सिर्फ अमरीका में 25,844 नए केस और 1561 संक्रमितों की मौत हो गई।
क्या कदम उठाए
कोरोना के संक्रमण की स्क्रीनिंग के लिए अब वहां पर तीन तरह के टेस्ट किए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट भी जल्दी आ रही है। कुछ दिन पहले ही एफडीए ने एक नया टेस्ट अप्रूव किया है जिससे सिर्फ पांच मिनट में कोरोना की रिपोर्ट आ जाती है।
10 दिन में 10 लाख टेस्ट
संक्रमितों की संख्या तेजी से बढऩे के बाद यहां पिछले 10 दिन में 10 लाख टेस्ट किए गए हैं। अब 65 साल से ज्यादा उम्र के लोग जिनमें फ्लू के लक्षण दिखते हैं उन्हें तुरंत भर्ती कर रहे हैं। ऐसे लोग जिन्हें फ्लू के लक्षण है और हाई बीपी, हृदय संबंधी अन्य बीमारी, डायबिटीज के मरीज हैं तो उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कर रहे हैं। सांस में तकलीफ है तो वेंटिलेटर पर रख रहे हैं।
ऐसे किया टेस्ट
1. स्प्यूटम टेस्ट: कोरोना के लिए किया जा रहा है। फ्लू के लिए भी यह टेस्ट करते हैं।
2. रैपिड टेस्ट: इसे स्वाब टेस्ट भी कहते हैं। इसकी रिपोर्ट 45 मिनट में आ जाती है।
3. अल्ट्रा रैपिड टेस्ट: इस टेस्ट की रिपोर्ट पांच मिनट में आ जाएगी। इसे जल्द ही शुरू किया जाएगा। वहां की फूड एंड ड्रग एजेंसी (एफडीए) ने अप्रूव कर दिया है। इस टेस्ट को कोई भी व्यक्ति घर से ही कर सकेगा। अन्य दोनों टेस्ट स्वास्थ्य कर्मी ही करेंगे।