Eye Cancer Early Signs: जानिए आंखों के कैंसर के लक्षण, कारण और किन लोगों को ज्यादा खतरा है। शुरुआती पहचान से समय पर इलाज संभव है।
Eye Cancer Early Signs: आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनसे हमें दिखाई देता है। लेकिन कभी-कभी आंखों में कैंसर भी हो सकता है, जिसे आंखों का कैंसर कहा जाता है। यह कैंसर आंखों के अंदर या आस-पास की कोशिकाओं में पनपता है। आंखों के कैंसर का असर आईबॉल, आईलिड या आई सॉकेट में हो सकता है।
आंखों के आस-पास अगर दाने, निशान या असामान्य बदलाव दिखाई दें, तो ये प्रीकैंसरस (Pre-cancerous) हो सकते हैं, यानी भविष्य में कैंसर का कारण बन सकते हैं। इसलिए इन संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए।
आंखों का कैंसर मुख्य रूप से चार प्रकार का होता है:
आम तौर पर ये लक्षण तभी दिखाई देते हैं जब कैंसर के सेल्स ट्यूमर का रूप ले लेते हैं। लेकिन कुछ संकेत प्रारंभिक चेतावनी दे सकते हैं जब अचानक या धीरे-धीरे कम दिखाई देने लगे। रौशनी का झिलमिलाना या आंखों के सामने रोशनी का आना हो सकता है। आंखों का आकार बाहर की तरफ दिखने लगे। आंखों में खुजली, जलन या इरिटेशन या फिर आईलिड पर दाने या आईबॉल पर निशान हो। साथ ही आईबॉल का आई सॉकेट में खिसकना
आंखों का कैंसर तब होता है जब कैंसर सेल्स आंखों के अंदर या आस-पास पनपने लगते हैं। ये सेल्स सामान्य समस्याओं से अलग होते हैं और ट्यूमर बनाकर धीरे-धीरे बढ़ते हैं। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो ट्यूमर लिंफ नॉड्स और खून में फैल सकता है, जिससे शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
आंखों के कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा 50 साल से ऊपर उम्र वाले लोग को होता है। साथ ही 5 साल से कम उम्र के बच्चे, जिन्हें रेटिनोब्लास्टोमा होने का खतरा है। पीली या सफेद त्वचा वाले लोग, नीली या हरी आंखों वाले लोग, आनुवांशिक कारणों से प्रभावित लोग भी हो सकते हैं। सूरज की UV किरणों के ज्यादा संपर्क में रहने वाले लोग, जो आई मेलानोमा के लिए जोखिम बढ़ाते हैं।