स्वास्थ्य

Eyebrow Threading Health Risks: थ्रेडिंग से हो सकता है लिवर डैमेज! पार्लर जाने से पहले जरूर पढ़ें ये खबर

Eyebrow Threading Health Risks: थ्रेडिंग से जुड़ी साफ-सफाई की लापरवाही आपके लिवर के लिए खतरा बन सकती है। इससे हेपेटाइटिस B या C का खतरा बढ़ जाता है, जिससे लिवर फेलियर तक हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि थ्रेडिंग करवाते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखें।
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Aug 07, 2025
Eyebrow Threading Health Risks
Eyebrow Threading Health Risks (photo-freepik)

Eyebrow Threading Health Risks: अगर आप भी अपने आस-पास के इलाकें में मौजूद ब्यूटी पार्लर में जाकर नियमित रूप से आईब्रो बनवाना (Threading) या फेस क्लीन करना करवाते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए। हाल ही में एक वायरल वीडियो में MBBS डॉक्टर अदितिज धमीजा ने एक चौंकाने वाली बात कही है। दरअसल, 28 साल की एक महिला आईब्रो बनवाने गई थी, लेकिन लौटकर आई लिवर फेलियर के साथ।

डॉक्टर ने बताया कि उस महिला को थकान, जी मचलाना और आंखों में पीलापन जैसे लक्षण हुए। जब जांच की गई तो पता चला कि उसका लिवर फेल हो रहा है। ये न तो दवा की वजह से ना ही शराब से, इसकी वजह थी पार्लर की लापरवाही। तो आइए जानते हैं कि लिवर फेलियर का आपके आईब्रो बनवाने से क्या कनेक्शन है।

थ्रेडिंग और हेपेटाइटिस का क्या है कनेक्शन?

थ्रेडिंग हमारे लिए नुकसानदायक नहीं है, लेकिन अगर वो बिना साफ-सफाई और हाइजीन के की जाए, तो ये हमारे लिए खतरनाक हो सकती है। अगर थ्रेडिंग के दौरान पुराना धागा यूज किया गया, या पार्लर वाले के हाथ साफ नहीं थे, तो छोटे-छोटे कट से हेपेटाइटिस B या C जैसे खतरनाक वायरस आपके खून में जा सकते हैं। ये वायरस खून के जरिए हमारे बॉडी में फैलते हैं और धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं।

थ्रेडिंग करवाते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • हमेशा नई, डिस्पोजेबल थ्रेड का ही इस्तेमाल करवाएं।
  • थ्रेडिंग से पहले और बाद में स्किन को अच्छे से साफ किया जाए।
  • पार्लर वाला हाथ धोकर और सैनिटाइज़ करके काम करे – ये जरूरी है।
  • अगर स्किन पर कोई कट, जलन या फुंसी हो, तो थ्रेडिंग न करवाएं।
  • सस्ते पार्लर या अनट्रेंड लोगों से थ्रेडिंग करवाने से बचें।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
07 Aug 2025 01:53 pm
Published on:
07 Aug 2025 01:48 pm