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Chronic Acidity Risk: सीने में बार-बार जलन को न करें नजरअंदाज! लगातार एसिडिटी हो सकती है गंभीर बीमारी का संकेत

Chronic Acidity Risk: क्या आपको रोज सीने में जलन होती है? लगातार एसिडिटी GERD, अल्सर और बैरेट्स इसोफैगस जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। जानिए लक्षण, खतरे और बचाव।

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भारत

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Dimple Yadav

Mar 03, 2026

Chronic Acidity Risk

Chronic Acidity Risk (photo- gemini ai)

Chronic Acidity Risk: हमारे पेट का स्वास्थ्य हमारी रोजमर्रा की आदतों पर निर्भर करता है। संतुलित आहार, समय पर भोजन और पर्याप्त पानी पीना पाचन तंत्र को मजबूत बनाए रखते हैं। लेकिन तला-भुना, ज्यादा मसालेदार भोजन, देर रात खाना और तनाव जैसी आदतें पेट की समस्याओं को जन्म देती हैं। इन्हीं समस्याओं में सबसे आम है एसिडिटी, जिसे अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

सामान्य एसिडिटी और क्रॉनिक एसिडिटी में फर्क

कभी-कभार सीने में जलन या खट्टी डकार आना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर यह समस्या हफ्तों या महीनों तक बनी रहे, तो यह शरीर का चेतावनी संकेत हो सकता है। लगातार एसिडिटी पाचन तंत्र में गड़बड़ी की ओर इशारा करती है और इसे अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है।

GERD का बढ़ता खतरा

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष Dr. Anil Arora के अनुसार, लंबे समय तक एसिडिटी रहने से गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) हो सकती है। इस स्थिति में पेट का एसिड बार-बार भोजन नली में लौट आता है। इसके कारण सीने में तेज जलन, गले में खराश, खट्टी डकार और निगलने में कठिनाई हो सकती है। समय पर इलाज न होने पर यह भोजन नली को नुकसान पहुंचा सकता है।

एसोफैगिटिस और अल्सर का जोखिम

लगातार एसिड के संपर्क में रहने से ग्रासनली की परत में सूजन आ सकती है, जिसे एसोफैगिटिस कहते हैं। इससे निगलने में दर्द और कभी-कभी खून की उल्टी तक हो सकती है। इसी तरह, पेट की अंदरूनी परत पर लंबे समय तक एसिड का असर रहने से अल्सर बनने का खतरा बढ़ जाता है। इसके लक्षणों में तेज पेट दर्द, मतली, उल्टी और खून आना शामिल हो सकता है। गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

बैरेट्स इसोफैगस और कैंसर का खतरा

कुछ मामलों में, लंबे समय तक एसिडिटी रहने से बैरेट्स इसोफैगस नामक स्थिति विकसित हो सकती है। इसमें ग्रासनली की कोशिकाओं की संरचना बदलने लगती है, जिससे आगे चलकर ग्रासनली के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि यह हर व्यक्ति में नहीं होता, लेकिन लंबे समय से एसिडिटी झेल रहे लोगों को सावधान रहना चाहिए।

बचाव के उपाय क्या हैं?

एसिडिटी से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार सबसे जरूरी है।

  • मसालेदार और तैलीय भोजन से परहेज करें
  • समय पर और हल्का भोजन करें
  • खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें
  • नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लें
  • तनाव को कम करने के लिए योग या ध्यान अपनाएं

कब डॉक्टर से मिलें?

अगर आपको लंबे समय तक सीने में जलन, निगलने में कठिनाई, बार-बार उल्टी या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें। समय पर जांच और उपचार गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे सुरक्षित तरीका है।