
Fibroadenoma Symptoms: अगर आपको अपने ब्रेस्ट (स्तन) में किसी तरह की गांठ महसूस हो रही है, तो सबसे पहली बात घबराएं नहीं। हर गांठ कैंसर नहीं होती। मेयो क्लिनिक के अनुसार, अक्सर ब्रेस्ट में महसूस होने वाली ऐसी गांठें जो छूने में थोड़ी सख्त, गोल और आसानी से हिलने-डुलने वाली होती हैं, वे फाइब्रोएडेनोमा (Fibroadenoma) हो सकती हैं। यह एक बेहद आम और गैर-कैंसर (Non-cancerous) गांठ होती है, जो महिलाओं में काफी देखने को मिलती है। आइए जानते हैं कि फाइब्रोएडेनोमा आखिर है क्या, यह क्यों होता है और आपको डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, फाइब्रोएडेनोमा ब्रेस्ट का एक साधारण या नॉन-कैंसरस (Benign) ट्यूमर होता है। इसका मतलब यह है कि यह शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलता और न ही यह कैंसर में बदलता है। यह गांठ ब्रेस्ट के ग्लैंडुलर टिश्यू (दूध बनाने वाली ग्रंथियां) और कनेक्टिव टिश्यू से मिलकर बनती है। इसे अक्सर ब्रेस्ट माउस (Breast Mouse) भी कहा जाता है, क्योंकि जब आप इसे उंगलियों से छूती या दबाती हैं, तो यह त्वचा के नीचे आसानी से फिसलती या हिलती-डुलती है।
फाइब्रोएडेनोमा की पहचान करना काफी आसान होता है। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं;
अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, फाइब्रोएडेनोमा होने का सटीक कारण तो पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसका सीधा संबंध महिला के शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन (Estrogen Hormone) से होता है। 20 से 30 साल की उम्र की महिलाओं में रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स काफी सक्रिय होते हैं, इसलिए इस उम्र में यह सबसे ज्यादा देखा जाता है। गर्भावस्था या स्तनपान के समय शरीर में हार्मोनल बदलाव बहुत तेज होते हैं, जिससे यह गांठ उभर सकती है या इसका साइज बढ़ सकता है। 20 साल की उम्र से पहले गर्भनिरोधक गोलियों (Oral Contraceptives) का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में भी इसके होने की संभावना थोड़ी अधिक रहती है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, वैसे तो फाइब्रोएडेनोमा से कोई गंभीर खतरा नहीं होता, लेकिन ब्रेस्ट में कोई भी नई गांठ दिखने पर डॉक्टर (गायनेकोलॉजिस्ट या सर्जन) से जांच कराना बहुत जरूरी है। आपको डॉक्टर के पास तुरंत जाना चाहिए अगर;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।