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Breast Cancer Symptoms: कई महिलाओं को स्तन में गांठ, दर्द या निप्पल से डिस्चार्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अक्सर लोग मान लेते हैं कि हर गांठ कैंसर होती है या अगर दर्द नहीं है तो चिंता की कोई बात नहीं। वहीं, कुछ महिलाएं यह सोचकर लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं कि उनकी उम्र कम है, इसलिए उन्हें ब्रेस्ट कैंसर नहीं हो सकता। लेकिन WHO, NHS और Cleveland Clinic के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं।
हर गांठ कैंसर नहीं होती और हर ब्रेस्ट कैंसर में दर्द होना भी जरूरी नहीं है। इसलिए स्तनों में होने वाले किसी भी नए या असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सही समय पर जांच और सही इलाज से सफलता की संभावना काफी बढ़ सकती है। आइए जानते हैं ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों से जुड़े कुछ मिथक और उनके पीछे की सच्चाई।
WHO और Cleveland Clinic के अनुसार, स्तन में होने वाली सभी गांठें कैंसर नहीं होतीं। कई गांठें सिस्ट (Cyst), फाइब्रोएडेनोमा (Fibroadenoma) या अन्य गैर-कैंसर (Benign) कारणों से भी हो सकती हैं। हालांकि, अगर कोई नई गांठ महसूस हो, वह लगातार बनी रहे या उसके साथ त्वचा या निप्पल में बदलाव दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
NHS के अनुसार, शुरुआती ब्रेस्ट कैंसर में अक्सर दर्द नहीं होता। कई मामलों में केवल नई गांठ या स्तन में बदलाव ही इसका पहला संकेत हो सकता है। इसलिए केवल दर्द न होने के आधार पर यह मान लेना कि सब कुछ सामान्य है, सही नहीं है।
NHS और WHO के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर के कई अन्य लक्षण भी हो सकते हैं, जैसे-
इनमें से कोई भी बदलाव दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
Cleveland Clinic के अनुसार, अधिकांश मामलों में केवल ब्रेस्ट में दर्द होना कैंसर का संकेत नहीं होता। दर्द हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स, मांसपेशियों में खिंचाव या अन्य सामान्य कारणों से भी हो सकता है। हालांकि, अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे, केवल एक ही जगह महसूस हो या उसके साथ अन्य असामान्य लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
WHO के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ता है, लेकिन यह बीमारी कम उम्र की महिलाओं में भी हो सकती है। इसलिए उम्र चाहे जो भी हो, स्तनों में होने वाले किसी भी नए बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
WHO के अनुसार, कुछ स्थितियां ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती हैं, जैसे-
हालांकि, इन जोखिम कारकों का होना यह जरूरी नहीं बनाता कि किसी व्यक्ति को ब्रेस्ट कैंसर होगा, लेकिन इससे बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
NHS के अनुसार, अगर-
तो बिना देरी किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। यदि ब्रेस्ट कैंसर का पता शुरुआत में चल जाए, तो इलाज की सफलता की संभावना काफी बेहतर हो सकती है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना है। यह किसी डॉक्टर की सलाह, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ या संबंधित चिकित्सा विशेषज्ञ से परामर्श लें।
Updated on:
28 Jul 2026 02:03 pm
Published on:
28 Jul 2026 02:03 pm
