
कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन 4 महीने से लॉकडाउन (Lockdown) और वर्क फ्रॉम होम (work from home) के चलते घर पर ही समय बीत रहा है। वहीं अब भी ज्यादातर लोग अपने ऑफिस का काम घर से ही कर रहे हैं। लेकिन इस 'न्यू नॉर्मल' (New Normal) के चलते शारीरिक गतिविधियां, एक्सरसाइज और डेली रुटीन बिगडऩे से मोटापा, सुस्ती, एन्जायटी और तनाव एवं नींद न पूरी होने जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखकर हम न केवल अपने बढ़ते वजन और मोटापे पर काबू रख सकते हैं बल्कि घर से काम करने के दौरान ज्यादा productive और creative होकर भी काम कर सकते हैं। फिटनेस ट्रेनर कहते हैं कि हर शरीर की अलग-अलग प्रतिक्रिया होती है ऐसे में यह जानना ही आधी जंग जीतने बराबर है कि शरीर को स्वस्थ रखने में किन चीजों का महत्त्व है और किन चीजों से परहेज करना जरूरी है।
कम कैलोरी लें
फिटनेस ट्रेनर, डायटीशियन और जिम ट्रेनर सभी के लिए 'फैट लॉस' का मतलब केवल कैलोरी लेना और कैलोरी बर्न ही रह गया है। यदि आप खाए जाने की तुलना में अधिक कैलोरी बर्न करते हैं और इस रुटीन को बनाए रखते हैं तो समय के साथ लगातार ऐसा करने पर फैट कम होता चला जाएगा।
वेट ट्रेनिंग
मसल्स बनाने के लिए जब हम जिम या घर पर वेट ट्रेनिंग करते हैं तो मांसपेशियों को आकार देने के क्रम में अपनी कैलोरी भी खर्च करते हैं। इस रेजिस्टेंस ट्रेनिंग का प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ता है जिससे व्यायाम करने के बाद हम अधिक कैलोरी बर्न कर शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी से छुटकारा पाते हैं। लेकिन इस दौरान शरीर की भरपाई के लिए पौष्टिक और सुपाच्य भोजन करना भी बेहतर परिणाम देता है। इसलिए एक्सरसाइज के बाद आप क्या खाते हैं इसका भी ध्यान रखें।
भरपूर नींद
शोध बताते हैं कि अनिद्रा या शरीर की जरुरत से कम नींद लेने वाले लोग अच्छी और भरपूर नींद लेने वालों की तुलना में जल्दी वजन बढ़ा लेते हैं। ऐसा उन लोगों के साथ भी हो सकता है जो अभी घर से काम कर रहे हैं और जिनके सर्कैडियन चक्र सामान्य हैं। इतना ही असमय या अनिद्रा संबंधी रोग एवं खराब दिनचर्या असमय भूख को बढ़ाती हैं और बिना भूख के सिर्फ भूख का अहसास होने भर से खाया गया भोजन वजन बढा़ सकता है।
तनाव स्तर
तनाव लोगों में कृत्रिम भूख को बढ़ा देता है। वर्क फ्रॉम होम में कई तरह की चुनौतियां हैं और नया वर्क कल्चर होने के कारण इसकी आदत भी नहीं है। ऐसे में तनाव होना आम है। लेकिन तनाव केचलते हमारे दिमाग को यह संदेश मिलता है कि शरीर को भूख लगी है और बेवजह खाने से फैट बढऩा स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब हम तनावग्रस्त होते हैं तो हमारा शरीर कोर्टिसोल हार्मोन छोड़ता है। लंबे समय तक तनाव बना रहे तो यह कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ा सकता है जो भूख को उत्तेजित करता है। नतीजतन हमारा वजन बढऩे लगता है।
भरपूर पानी पिएं
बहुत कमलोग जानते हैं कि जब हमें प्यास लगती है तो अक्सर हमारा दिमाग इसे भूख समझ लेता है और हमें संदेश देता है कि हम कुछ खाएं। दिमाग प्यास और भूख में अंतर नहीं कर पाता। इसलिए जब कभी आपको भूख लगी हो तो एक या दो गिलास पानी पीने की कोशिश करनी चाहिए। शायद आप सिर्फ प्यासे हों और बेवजह कुछ भी खाने की जरुरत न पड़े। पानी शरीर को हाइड्रेटेड करता है जो हमारे हार्मोन को भी नियंत्रित करता है और आपके शरीर को ठीक से काम करने में मदद करता है।