स्वास्थ्य

Hiccups: बार-बार हिचकी आने पर कब डॉक्टर के पास जाना हो जाता है जरूरी, जानें

Hiccups Neurological Problem: क्या बार-बार या लंबे समय तक हिचकी आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है? जानिए पबमेड (PubMed), पबमेड सेंट्रल (PubMed Central) और क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार हिचकी क्यों आती है, कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और इसका दिमाग व तंत्रिका तंत्र से क्या संबंध है।
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Aug 15, 2026
Bar Bar Hichki Aana, Frequent Hiccups
क्या Hiccups कोई बीमारी है? image credit freepik

Hiccups Causes: हिचकी आना आम बात है। खाना जल्दी खाने, पेट भर जाने या अचानक कुछ खाने-पीने के बाद हिचकी आने लगती है और कुछ देर में अपने आप ठीक भी हो जाती है। लेकिन अगर हिचकी बार-बार आ रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में लगातार रहने वाली हिचकी शरीर में किसी दूसरी समस्या का संकेत हो सकती है। आइए जानते हैं हिचकी क्यों आती है और कब यह चिंता का कारण बन सकती है।

हिचकी कैसे आती है?

हिचकी शरीर में होने वाली एक जटिल प्रतिवर्त क्रिया है। इसमें सांस लेने में मदद करने वाली मांसपेशी डायफ्राम अचानक सिकुड़ती है और हिचकी की आवाज आती है। इस पूरी प्रक्रिया में वागस तंत्रिका, फ्रेनिक तंत्रिका और मस्तिष्क के निचले हिस्से यानी ब्रेनस्टेम की भूमिका होती है।

कब हिचकी चिंता का कारण हो सकती है?

अगर हिचकी कुछ मिनट या थोड़े समय के लिए आती है और फिर ठीक हो जाती है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर हिचकी 48 घंटे से ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो इसे लगातार रहने वाली हिचकी माना जाता है और इसके पीछे की वजह जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। पबमेड (PubMed) में प्रकाशित शोध के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाली हिचकी के कई कारण हो सकते हैं। इनमें पेट की बीमारी, अम्लता, भोजन नली में जलन के अलावा तंत्रिका तंत्र से जुड़ी कुछ समस्याएं भी शामिल हैं।

क्या हिचकी का संबंध दिमाग से भी हो सकता है?

कुछ मामलों में लगातार या बार-बार आने वाली हिचकी का संबंध दिमाग और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्या से हो सकता है। इसका कारण यह है कि हिचकी की प्रतिवर्त क्रिया में मस्तिष्क के निचले हिस्से यानी ब्रेनस्टेम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी सूचना केंद्र (PubMed Central) में प्रकाशित एक चिकित्सकीय मामले की रिपोर्ट में बार-बार आने वाली हिचकी का संबंध मेडुला ऑब्लोंगाटा, यानी मस्तिष्क के निचले हिस्से में मौजूद एक असामान्य बदलाव से पाया गया था। शोधकर्ताओं के अनुसार, ऐसे मामलों में अगर हिचकी बार-बार लौट रही हो और उसका कोई सामान्य कारण सामने नहीं आ रहा हो, तो तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्या की संभावना पर भी ध्यान देना चाहिए।

किन दिमागी बीमारियों में हो सकती है लगातार हिचकी?

शोध में लगातार रहने वाली हिचकी का संबंध कुछ तंत्रिका संबंधी बीमारियों से पाया गया है। इनमें मस्तिष्काघात, बहु-काठिन्य, मस्तिष्क के निचले हिस्से में होने वाले बदलाव और कुछ मस्तिष्क संबंधी गांठें शामिल हैं। मस्तिष्क के निचले हिस्से में होने वाले मस्तिष्काघात के मरीजों में भी हिचकी देखी गई है। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बार-बार हिचकी आने वाले हर व्यक्ति को दिमागी बीमारी है। हिचकी के पीछे कई सामान्य कारण भी हो सकते हैं।

हिचकी के साथ ये लक्षण हों तो हो जाएं सावधान

अगर लंबे समय तक रहने वाली हिचकी के साथ सिरदर्द, चक्कर, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में परेशानी, निगलने में दिक्कत, चलने में असंतुलन या देखने में बदलाव जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए। खासकर अगर हिचकी लगातार बनी हुई है और इसका कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा है।

क्या हर बार हिचकी का मतलब दिमागी बीमारी है?

हर बार हिचकी का मतलब दिमागी बीमारी नहीं होता। पबमेड (PubMed) में प्रकाशित शोध के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाली हिचकी के कारणों में पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। इसलिए केवल हिचकी के आधार पर किसी दिमागी बीमारी का अनुमान नहीं लगाया जा सकता।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर हिचकी 48 घंटे से ज्यादा समय तक बनी रहती है, बार-बार लौटती है या खाना खाने, सोने और रोजमर्रा के काम में परेशानी पैदा करती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Updated on:
15 Aug 2026 03:09 pm
Published on:
15 Aug 2026 03:08 pm