स्वास्थ्य

जानिए बच्चों की मानसिक सेहत के लिए कितना महत्वपूर्ण है फल और सब्जी

बच्चों की सेहत के साथ उनके मानसिक सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है | एक शोध में पाया गया जिन बच्चों ने चार या पांच सर्विंग या उससे ज्यादा फल और सब्जियां खायीं तो उनका मेंटल स्वास्थ्य कहीं अच्छा पाया गया |इसलिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों के खाने पीने पर विशेष ध्यान दें और उनको फल और सब्जियां खिलाएं | इसलिए ज़रूरी की अपने बच्चे के खाने में ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियों को शामिल करें |इससे उनका शारीरिक विकास तो होता ही है साथ में मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है |
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Updated: 3 Nov 2021, 10:55 PM IST
fruits  and vegetables for kids mental health
जानिए बच्चों की मानसिक सेहत के लिए कितना महत्वपूर्ण है फल और सब्जी

नई दिल्ली बच्चों को फल और सब्जी खिलाने की आदत डालना बहुत जरूरी है. उनके साथ आप भी फल और सब्जियां खाएं और एक टीम की तरह काम करें | बच्चे आप को खाता हुआ देखेंगे तो उनकी आदत में यह शामिल होगा और वह हेल्दी चीजें खाने में आनाकानी नहीं करेंगे |

शोध क्या कहती है

शोध में पाया गया जिन बच्चों ने चार या पांच सर्विंग या उससे ज्यादा फल और सब्जियां खायीं तो उनका मेंटल स्वास्थ्य कहीं अच्छा पाया गया | इसलिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों के खाने पीने पर विशेष ध्यान दें और उनको फल और सब्जियां खिलाएं. इन टिप्स की मदद से आप अपने बच्चों को फल और सब्जियां आसानी से खिला सकेंगे |

चार-पांच सर्विंग फल डाइट में शामिल करें

हर कोई मोटापे को कम करने में लगा हुआ है ऐसे में बच्चे के साथ अगर आप भी दिन में 4 से 5 सर्विंग फल और सब्जियों को अपने आहार में शामिल करेंगे तो आपकी सेहत भी बेहतर होगी इसके साथ ही बच्चा जब आपको यह चीजें खाते हुए देखेगा तो वह भी खुशी-खुशी से खाएगा.


क्रिएटिव बनें

ये भी सच है बच्चों को हेल्दी चीजें खिलाना आसान नहीं है इसलिए थोड़ी क्रिएटिविटी का सहारा लें | आजकल बाजार में ऐसे सांचें और कटर मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अलग-अलग तरह से फल और सब्जियों को काट सकते हैं |और उनको दे सकते हैं. इस तरह बच्चा खेल खेल में फल और सब्जियां खा लेगा

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
3 Nov 2021, 10:55 PM IST
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