Garbhasana: गर्भासन योग के महिलाओं के लिए विशेष फायदे देखे गए हैं। गर्भासन पेट की मांसपेशियों के लिए काफी बेहतर है। साथ ही इस योगाभ्यास से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और अन्य परेशानियों से राहत मिल सकती है।
योग को हमारे जीवन का एक हिस्सा बना लेने से स्वस्थ रहने के साथ ही कई रोगों से दूर रहा जा सकता है। आजकल लोगों की अस्त-व्यस्त दिनचर्या, खानपान और भागदौड़ भरी जिंदगी लोगों में बहुत सी बीमारियों और तनाव का कारण बन रही है। इसी कारण लोगों में खराब नींद और बेचैनी जैसी समस्याएं होने लगी हैं। ऐसे में योगासन आपकी काफी मदद कर सकता है। संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एवं अलग-अलग बीमारियों को दूर करने के लिए विभिन्न तरह के योगासन अपनाए जा सकते हैं। इन्हीं योगासनों में से एक गर्भासन भी है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है कि इस योग के अभ्यास के दौरान आपके शरीर को गर्भ के आकार की तरह बनाना होता है। तनाव क्रोध और मन को शांत करने के साथ ही गर्भासन के बहुत से लाभ देखे गए हैं। तो आप आइए जानते हैं गर्भासन करने के स्वास्थ्य से जुड़े फायदे...
1. हड्डियों को मजबूत बनाए
यह योगासन आपके हाथ पैर की हड्डियों की मजबूती के लिए काफी फायदेमंद है। साथ ही गर्भासन करने से आपके हाथ-पैरों की मांसपेशियों में भी मजबूती आती है। इसके अलावा, इस योगासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और उसमें लचीलापन आता है।
2. पाचन को दुरुस्त करे
पाचन के लिए इस योगासन को काफी फायदेमंद बताया गया है, क्योंकि इसके अभ्यास से पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आने के साथ में गैस्टिक ग्रंथि भी सही ढंग से कार्य करती है। कब्ज, गैस की समस्या में और भूख बढ़ाने के लिए और पाचन तंत्र के सही ढंग से संचालित करने के लिए गर्भासन फायदेमंद होता है।
3. महिलाओं के लिए
गर्भासन योग के महिलाओं के लिए विशेष फायदे देखे गए हैं। गर्भासन पेट की मांसपेशियों के लिए काफी बेहतर है। साथ ही इस योगाभ्यास से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और अन्य परेशानियों से राहत मिल सकती है। महिलाएं अगर गर्भासन योग का अभ्यास करती हैं, तो गर्भाशय से संबंधित कई विकार दूर हो सकते हैं। हालांकि, गर्भावस्था के दौरान चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लें।
4. क्रोध और तनाव को कम करे
जिन लोगों का मन अक्सर अशांत रहता है और उन्हें अधिक क्रोध आता है, उन्हें भी गर्भासन करना चाहिए। इसके अलावा, तनाव दूर करने में गर्भासन के फायदे देखे जा सकते हैं। इस योगासन के अभ्यास से मानसिक शांति मिलने के साथ ही एकाग्रता और शारीरिक संतुलन भी बढ़ता है।