
बारिश के मौसम में त्वचा संबंधी दिक्कतें भी होती हैं। दाद, खाज व खुजली एक से दूसरे में जा सकती है। इसलिए अपना साबुन, तौलिया आदि अलग रखें। इसके लिए नीम की पत्तियां मुठ्ठीभर नीम की पत्तियों को करीब 10 मिनट तक उबालें। उसके बाद नहाने के पानी में मिलाकर नहा लें। खुजली से बचाव के लिए नींबू के रस से त्वचा की मसाज करनी चाहिए। नींबू के रस में ऐंटीबैक्टीरियल गुण होता है जो त्वचा के बैक्टीरिया खत्म करता है।
गुलकंद भी कारगर
गुलकंद का प्रयोग आयुर्वेद में पित्त दोष से होने वाली बीमारियों के इलाज में किया जाता है। इससे सुस्ती, खुजली, बदन दर्द, थकान, जलन में राहत मिलती है। रोजाना एक छोटी चम्मच गुलकंद का प्रयोग कर सकते हैं। गुलकंद के नियमित प्रयोग से दिमाग को ठंडक मिलती है। गुस्से पर भी नियंत्रण होता है। त्वचा से जुड़ी समस्याओं में कारगर है। दाग-धब्बे, चेहरे की सूजन, आंखों का लाल होना और मुंह के छालों में भी कारगर है।