Diabetes patients : एक शोध में यह बात सामने आई है कि कॉफी और चाय जैसे दैनिक पेय पदार्थों में शुगर (सुक्रोज) के बदले थोड़ी मात्रा में नॉन-न्यूट्रिटिव स्वीटनर्स (Non-nutritive sweeteners) का उपयोग करने से एचबीए1सी (HbA1c) के स्तर (शुगर लेवल) जैसे ग्लाइसेमिक मार्करों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
Diabetes patients : मधुमेह रोगियों के लिए मीठा खाने की चाहत हमेशा से एक चुनौती रही है। चीनी का सेवन ब्लड शुगर (Blood Sugar) के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे मधुमेह (Diabetes) की स्थिति और बिगड़ सकती है। लेकिन क्या है कोई ऐसा विकल्प जो मीठे का स्वाद दे और साथ ही स्वास्थ्य को भी नुकसान न पहुंचाए? हाल ही में हुए एक शोध ने इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश की है।
मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन (एमडीआरएफ) द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, मधुमेह रोगियों (Diabetic patients) के लिए कॉफी और चाय में चीनी की जगह नॉन-न्यूट्रिटिव स्वीटनर्स (Non-nutritive sweeteners) का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। इस अध्ययन में सुक्रालोज नामक एक नॉन-न्यूट्रिटिव स्वीटनर का इस्तेमाल किया गया था।
नॉन-न्यूट्रिटिव स्वीटनर्स (Non-nutritive sweeteners) वे पदार्थ होते हैं जो चीनी की तरह मीठे होते हैं लेकिन इनमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है या बिल्कुल नहीं होती। ये स्वीटनर्स आमतौर पर कृत्रिम रूप से बनाए जाते हैं और इनका उपयोग खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में मीठा स्वाद लाने के लिए किया जाता है।
यह अध्ययन मधुमेह रोगियों (Diabetes patients) के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। यह बताता है कि नॉन-न्यूट्रिटिव स्वीटनर्स (Non-nutritive sweeteners) मधुमेह रोगियों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, इस विषय पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।
मधुमेह रोगियों (Diabetic patients) के लिए मीठा खाने की चाहत को पूरा करने के लिए नॉन-न्यूट्रिटिव स्वीटनर्स (Non-nutritive sweeteners) एक आशाजनक विकल्प हो सकते हैं। हालांकि, इस विषय पर और अधिक शोध की आवश्यकता है। मधुमेह रोगियों को अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही किसी भी नए स्वीटनर का इस्तेमाल करना चाहिए।