स्वास्थ्य

Hair Loss After Chemotherapy : कैंसर मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी! कीमो से बाल झड़ना होंगे बंद

Hair Loss In Cancer After Chemotherapy : कैंसर में कीमोथेरेपी के बाद मरीज के बाल झड़ते हैं। अब कैंसर मरीजों के बालों को झड़ने से रोकने के लिए नई दवाई बन रही है।
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Jul 13, 2025
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Hair Loss After Chemotherapy In Cancer | Photo- static.wixstatic.com

Hair Loss After Chemotherapy : कैंसर मरीजों के लिए ये खुशखबरी है। कैंसर से लड़ रहे मरीजों को कीमोथेरेपी दी जाती है जिसके कारण उनके बाल झड़ते (Hair Loss In Cancer) हैं। बाल झड़ने के लिए कारण कैंसर मरीजों की सामाजिक चुनौती डबल हो जाती है। मगर, एक नई शोध में इस समस्या का समाधान मिला है। इससे कैंसर मरीजों के बाल को झड़ने से रोका जा सकता है।

कीमोथेरेपी से बाल झड़ना बेहद तकलीफदेह

Hair Loss After Chemotherapy | Photo- static.wixstatic.com

कैंसर के इलाज के दौरान कीमोथेरेपी से बाल झड़ना एक आम लेकिन बेहद तकलीफदेह 'साइड इफेक्ट' माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार, करीब 65% मरीज कीमो के दौरान हेयर लॉस का सामना करते हैं, खासतौर पर 47% महिलाओं के लिए यह मानसिक रूप से बेहद तकलीफदेह होता है। इसलिए ये कैंसर से लड़ रहे लोगों के लिए वरदान से कम नहीं है।

Hair Loss In Cancer : कैंसर मरीजों के बाल झड़ने से रोकने का इलाज

अब ब्रिटेन के के शेफील्ड हॉलम विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जो इस समस्या को काफी हद तक रोक सकती है। शोध में पाया गया कि यदि स्कैल्प को 18 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा किया जाए और साथ ही एंटीऑक्सीडेंट युक्त लोशन लगाया जाए, तो बालों की जड़ों को कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों से बचाया जा सकता है। यह लोशन कुछ ऐसे तत्वों से बना है जो लाल अंगूरों में पाया जाता है और बालों की कोशिकाओं को क्षति से बचाने में सहायक होता है।

कारगर साबित हुई दोहरी रणनीति

शोध में इंसानी बालों की जड़ों को लैब में उगाकर कीमोथेरेपी का प्रभाव देखा गया। परिणामों में पाया गया कि ठंडा तापमान और एंटीऑक्सीडेंट का संयोजन बालों को बचाने में काफी कारगर साबित हुआ। 'कोल्ड कैप' तकनीक को यह शोध और मजबूत आधार देता है। हालांकि, अभी इसको लेकर शोध जारी है। साथ ही ये कब तक आम लोगों के लिए बाजार में आएगी इसको लेकर फिलहाल जानकारी सामने नहीं आई है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।