स्वास्थ्य

पांचों इंद्रियां सक्रिय होती तो ही भोजन अमृत बनता

कोविड-19 के चलते जापान के स्कूलों में बच्चों को बिना बात करते हुए साइलेंट लंच के लिए कहा गया है। भारतीय परंपरा में तो यह सदियों से है।
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Jun 18, 2020
पांचों इंद्रियां सक्रिय होती तो ही भोजन अमृत बनता
पांचों इंद्रियां सक्रिय होती तो ही भोजन अमृत बनता

आयुर्वेद के अनुसार भोजन और भजन शांत मन से करें तो लाभ ज्यादा मिलता है। बातें करते या टीवी देखते हुए खाने से पाचक रसों का स्राव कम होता है। शरीर का मेटाबोलिक बैलेंस बिगड़ता, बीमारियां होती हैं।
भोजन के समय सभी इंद्रियों से स्राव जरूरी: पांच ज्ञान इंद्रिया होती हैं। इनके सक्रिय होने से पाचक रसों का स्राव होता है और खाना अमृत बनता है। जैसे नाक से खाने की खुशबू, कान से मनपंसद खाने का नाम सुनने, आंखों से अच्छा खाना देखने, हाथों से गर्म-ठंडा महसूस होने और फिर जीभ से स्वाद आने तक सभी से पाचक रसों का स्राव होता है। ये खाने को पचाते ह
ऋतु अनुसार भोजन न करने से नुकसान
मौसम के अनुसार भोजन करने से उसके पोषक तत्व शरीर को लगते हैं। विपरीत आहार लेने से जठराग्नि मंद और इम्युनिटी कम होती है। जो लोग गर्मी में गर्म चीजें जैसे सूप, चाय, कॉफी या गरिष्ठ भोजन लेते हैं, उससे इम्युनिटी घटती है। इसी तरह सर्दी में आइसक्रीम-कुल्फी आदि ठंडक देने वाली चीजों को खाने से जीवनशक्ति कमजोर होती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
18 Jun 2020 12:01 pm
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