स्वास्थ्य

HEALTH TIPS : सोते समय आते हैं खर्राटे तो सावधान, आज से ही करें ये काम

स्लीप एप्निया की समस्या को दूर से पीडि़त को एल्कोहल और कैफीन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही वसा वाले खाद्य पदार्थों का न लें। अधिक मीठे और उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ न खाएं। यदि धूम्रपान करते हैं तो इसे छोडऩे से लाभ होगा।
less than 1 minute read
• •
Apr 24, 2020
HEALTH TIPs

स्लीप एप्निया एक सामान्य शारीरिक विकार है, जो सोते समय सांस रुकने और बार-बार करवटें बदलने के कारण दिक्कत होती है। आमतौर पर स्लीप एप्निया तब होता है, जब सोते समय किसी व्यक्ति की सांस रुकने लगती है। इसमें सांस कुछ सेकंड तक रुक सकती है। यह एक घंटे में 30 या उससे ज्यादा बार भी हो सकता है। सोने के कुछ देर बाद सामान्य सांसों में खर्राटे या खर-खर जैसी आवाजें आने लगती हैं। स्लीप एप्निया का मरीज जोर-जोर से खर्राटे लेता हैं।

स्लीप एप्निया का मुख्य कारण

स्लीप एप्निया का मुख्य कारण सामान्य से ज्यादा वजन होना, अनुवांशिक कारण व छोटा श्वांस मार्ग आदि प्रमुख है। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में स्लीप एप्निया की आशंका ज्यादा होती है। इसके अलावा बच्चे जिनके टॉन्सिल का आकार बढ़ा होता है। उनमें भी स्लीप एप्निया की आंशका ज्यादा होती है। इससे पीडि़त ज्यादातर लोग सुबह के समय खुद को थका हुआ महसूस करते हैं। यदि अधिक वजन बढ़ जाता है तो स्थिति और गंभीर हो जाती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
24 Apr 2020 01:18 pm