
बालों के झड़ने और गंजापन होने के तीन प्रमुख कारण होते हैं। पहला शरीर में पोषक तत्वों की कमी के साथ व्यक्ति ने वजन कम करने के लिए अचानक क्रैश डाइटिंग करना। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी तेजी से होती है जिसका सीधा असर बालों पर पड़ता है। इसके अलावा सिगरेट का इस्तेमाल, थॉयराइड डिसऑर्डर (असंतुलन) बुखार, लगातार सर्दी जुकाम रहने से भी बाल टूटते या सफेद होते हैं।
एलोपैथी में इलाज
बालों की मजबूती के लिए पौष्टिक आहार पर अधिक ध्यान देना चाहिए। खाने में दाल, सोयाबीन, पनीर, दूध, मीट, अंडा का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए जिससे बाल मजबूत बनते हैं। गर्भवती को शरीर में खून की कमी न हो इसका पूरा खयाल रखना चाहिए क्योंकि इससे बाल झड़ने लगते हैं।
हेयर ट्रीटमेंट से भी होता नुकसान
बाल की आउटर लेयर को क्यूटिकल कहा जाता है जो बालों की प्रोटेक्शन लेयर होती है। कुछ हेयर ट्रीटमेंट जिसमें हीट का इस्तेमाल होता है वे बालों को डैमेज करते हैं। इससे कुछ समय के भीतर ही बाल टूटने और सफेद होने लगते हैं।
एंटी फंगल क्रीम से खत्म होते डैंड्रफ
डैंड्रफ से निजात पाने के लिए एंटी फंगल क्रीम या शैंपू का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। डैंड्रफ अधिक है तो क्रीम और शैंपू के साथ बालों में विशेष प्रकार का लोशन लगाने से भी फायदा मिलता है।