Sotagliflozin for the Treatment of Heart Failure: हाल ही में अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) द्वारा टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए मंजूर की गई दवा सोटाग्लिफ्लोज़िन सिर्फ ब्लड शुगर नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को भी कम कर सकती है।
Diabetes drug for heart attack prevention : हाल ही में अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएस एफडीए) द्वारा टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए अनुमोदित एक नई दवा सोटाग्लिफ्लोज़िन (Sotagliflozin) , न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती है बल्कि हार्ट अटैक (Heart Attack) और स्ट्रोक के जोखिम को भी कम कर सकती है। यह खुलासा भारतीय मूल के वैज्ञानिक के नेतृत्व में हुए एक अंतरराष्ट्रीय शोध में हुआ है।
इस शोध में 10,584 मरीजों को शामिल किया गया था, जो पहले से ही किडनी रोग, टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोग के अन्य जोखिम कारकों से ग्रस्त थे। इन सभी को औसतन 16 महीने तक इस दवा का प्रभाव देखने के लिए ट्रायल में रखा गया। नतीजों में पाया गया कि जिन मरीजों ने सोटाग्लिफ्लोज़िन (Sotagliflozin) का सेवन किया, उनमें हार्ट अटैक (Heart Attack) , स्ट्रोक और हृदय संबंधी कारणों से मौत का खतरा 23% तक कम हो गया।
सोटाग्लिफ्लोज़िन एक विशेष प्रकार की दवा है, जो एसजीएलटी (सोडियम-ग्लूकोज को-ट्रांसपोर्टर) अवरोधक के रूप में काम करती है। यह शरीर में मौजूद दो प्रमुख प्रोटीन, एसजीएलटी1 और एसजीएलटी2 की क्रिया को रोकती है, जिससे कोशिकाओं के भीतर ग्लूकोज और सोडियम का प्रवाह नियंत्रित होता है और ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद मिलती है। अन्य एसजीएलटी2 अवरोधक दवाओं की तुलना में, यह दवा एसजीएलटी1 पर भी प्रभाव डालती है, जिससे यह ज्यादा प्रभावी साबित होती है।
माउंट सिनाई फस्टर हार्ट हॉस्पिटल के निदेशक और इकान स्कूल ऑफ मेडिसिन, अमेरिका में कार्डियोवस्कुलर मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. दीपक एल. भट्ट ने बताया, "सोटाग्लिफ्लोज़िन (Sotagliflozin) एक नई तरह की दवा है जो हृदय और मस्तिष्क को प्रभावित करने वाले रिसेप्टर्स को रोकने में सक्षम है। यह गुर्दे, आंत, दिल और दिमाग में मौजूद एसजीएलटी1 रिसेप्टर्स और केवल गुर्दे में मौजूद एसजीएलटी2 रिसेप्टर्स दोनों को एक साथ अवरुद्ध कर सकती है, जिससे हृदय और मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है।"
पहले से ही सोटाग्लिफ्लोज़िन को हृदय रोग, हार्ट फेल्योर और टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं से होने वाली मौतों के जोखिम को कम करने के लिए मंजूरी मिली थी। लेकिन इस नए शोध के नतीजे इस दवा की उपयोगिता को और बढ़ा सकते हैं। अब यह न केवल डायबिटीज बल्कि हृदय और मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों के खिलाफ भी कारगर साबित हो सकती है।
सोटाग्लिफ्लोज़िन पर किए गए इस शोध ने एक नई उम्मीद जगाई है, खासकर उन मरीजों के लिए जो डायबिटीज और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। इस नई खोज के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि भविष्य में यह दवा व्यापक रूप से उपयोग में लाई जाएगी और लाखों लोगों की जिंदगी बचाने में मददगार साबित होगी।
IANS