स्वास्थ्य

हीट स्ट्रोक के मरीजों को ठंडे पानी से नहलाने पर मिलती है राहत

सवाल- मेरी उम्र 55 वर्ष है और दस वर्ष से डायबिटीज है। अभी शरीर पर पस वाली फुंसियां निकाल आई हैं। क्या करें? एक पाठक
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Jun 23, 2020
हीट स्ट्रोक के मरीजों को ठंडे पानी से नहलाने पर मिलती है राहत
हीट स्ट्रोक के मरीजों को ठंडे पानी से नहलाने पर मिलती है राहत

सवाल- मेरी उम्र 55 वर्ष है और दस वर्ष से डायबिटीज है। अभी शरीर पर पस वाली फुंसियां निकाल आई हैं। क्या करें? एक पाठक
जवाब-गर्मी में पसीने से फुंसियां ज्यादा निकलती हंै, लेकिन डायबिटीज के मरीजों में यह परेशानी अधिक होती है। पस वाली फुंसियों से दिक्कत हो सकती है। डायबिटीज कंट्रोल रखें। खानपान में परहेज और नियमित व्यायाम करें। इसके साथ ही हाइजीन का ध्यान रखें। नहाते समय शरीर को अच्छे से रगड़ें ताकि पसीने के कारण बंद नलियां खुल जाएं और फुंसियां निकलना बंद हो जाएं। अगर पस ज्यादा है तो अपने डॉक्टर को दिखाकर इलाज लें। लापरवाही से बुखार भी आ सकता है। फुंसियां बड़ी हो सकती हैं।
सवाल-तेज बुखार के साथ थकान, बेहोशी छाने जैसा और चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा है। इसके लिए क्या करें? अनेक पाठक
जवाब-तेज बुखार, चिड़चिड़ापन और बेहोशी छाने जैसे लक्षण हीट स्ट्रोक (लू) के होते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीपी के रोगियों को इसका खतरा अधिक रहता है। धूप से बचाव करें। खूब पानी पीएं। हल्के कपड़े पहनें। अगर हीट स्ट्रोक का रोगी है तो उसको ठंडे पानी से नहलाएं। तुरंत राहत मिलती है। ऐसे मरीजों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। हीट स्ट्रोक का असर हृदय, फेफड़ों और दिमाग पर भी हो सकता है। ज्यादा समस्या है तो डॉक्टर को दिखाएं।
डॉ. विनय सोनी और डॉ. पुनीत रिझवानी, सीनियर फिजिशियन

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Published on:
23 Jun 2020 12:50 pm
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