Hidden Side of Smartwatches : आजकल फिटनेस (Fitness) की दुनिया में स्मार्टवॉच (Smartwatch) का उपयोग बढ़ गया है। लोग अपनी हर गतिविधि को ट्रैक करने के लिए बार-बार अपने स्मार्टवॉच पर नजर डालते हैं
Hidden Side of Smartwatches : आजकल फिटनेस (Fitness) की दुनिया में स्मार्टवॉच (Smartwatch) का उपयोग बढ़ गया है। लोग अपनी हर गतिविधि को ट्रैक करने के लिए बार-बार अपने स्मार्टवॉच पर नजर डालते हैं, लेकिन इससे कभी-कभी अनजाने में तनाव (Stress) का सामना भी करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक डेटा की निगरानी और उसकी निरंतर समीक्षा से उपयोगकर्ताओं में चिंता और तनाव पैदा हो सकता है।
स्मार्टवॉच (Smartwatch) और अन्य पहनने योग्य उपकरण, विशेष रूप से चिकित्सा-ग्रेड वाले, खासकर युवा पीढ़ी के बीच काफी लोकप्रिय हो गए हैं। ये उपकरण स्वास्थ्य की जानकारी प्रदान करने में सहायक होते हैं, लेकिन कभी-कभी इसके अत्यधिक उपयोग से नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में 16 जुलाई 2024 को प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि अतालता (Arrhythmia) या दिल की अनियमित धड़कन के मरीजों ने स्मार्टवॉच के माध्यम से अपनी स्थिति पर निगरानी की। अध्ययन में यह खुलासा हुआ कि इन उपकरणों के कारण उपयोगकर्ताओं ने अधिक चिंता और इलाज (Anxiety) की चिंताओं की रिपोर्ट की।
स्मार्टवॉच (Smartwatch) का लगातार उपयोग करने वाले लगभग 20 प्रतिशत लोगों ने चिंता की शिकायत की, जिससे उन्होंने अपने डॉक्टरों से संपर्क किया। इसके परिणामस्वरूप, इन व्यक्तियों ने अधिक ईसीजी, ईकोकार्डियोग्राम और एएफ एब्लेशन जैसे परीक्षण कराए।
जबकि स्मार्टवॉच (Smartwatch) और फिटबिट जैसी चिकित्सा-ग्रेड डिवाइ सें स्वास्थ्य की निगरानी के लिए प्रभावी हो सकती हैं, इनका अत्यधिक उपयोग उपयोगकर्ताओं को तनाव (Stress) का शिकार बना सकता है। विनायक अग्रवाल, सीनियर डायरेक्टर और हेड, नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, इन उपकरणों द्वारा प्रदान की गई अनफ़िल्टर्ड जानकारी का सही ढंग से विश्लेषण करने की क्षमता अधिकांश लोगों के पास नहीं होती।
स्मार्टवॉच (Smartwatch) के माध्यम से हृदय गति की विविधता को लेकर सामान्य चिंताओं का सामना करना पड़ता है, जो कि कभी-कभी पैनिक अटैक्स और उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है। इन संवेदनशील उपयोगकर्ताओं को अक्सर अत्यधिक परीक्षणों की आवश्यकता पड़ती है, जिससे अंततः एक हाइपोकॉन्ड्रिएक व्यवहार उत्पन्न होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टवॉच (Smartwatch) का उपयोग लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसे संयम के साथ उपयोग करना चाहिए। जानकारी का सही दृष्टिकोण और उसके साथ उचित समझ बेहद महत्वपूर्ण है। तकनीक का अत्यधिक उपयोग कभी-कभी तनाव का कारण बन सकता है, इसलिए इसके उपयोग में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।