शोधकर्ताओं का कहना है कि सामान्य वज़न वाले लोगों में अल्जाइमर का खतरा कम होता है जबकि अधिक वजन से ब्रेन फंक्शन के घटने का खतरा अधिक होता है और यह अल्ज़ाइमर को भी बढ़ा सकता है।
नियमित रूप से व्यायाम करना हमारे स्वास्थ्य और बेहतर शारीरिक फंक्शन के लिए बहुत जरूरी है। अब तो शोध भी इसे साबित करते हैं कि व्यायाम करने से हमारा दिमाग और शरीर के सभी अंग बेहतर काम करते हैं। नियमित व्यायाम हमें मानसिक रूप से बेहतर महसूस करने में भी मदद कर सकता है। इससे साबित करते हुए हाल ही एक नया शोध द जर्नल ऑफ अल्जाइमर (The Journal of Alzheimer) में प्रकाशित हुआ है। इस नए शोध में पाया गया है कि व्यायाम करने से हमारे दिमाग के काम करने की क्षमता को हम 100 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।
मोटापे और दिमाग का सीधा संबंध
हमारे मोटापे (Obesity) और बढ़ते वजन (Higher Weight) का हमारे दिमाग की कार्य क्षमता (Brain Function) से सीधा संबंध होता है। अपनी तरह के इस पहले शोध 'ओबेसिटी और ब्रेन कैपेसिटी' में शोधकर्ताओं ने पाया कि जैसे-जैसे किसी व्यक्ति का वजन या मोटापा बढ़ता है, उनके मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह (Blood Flow) का स्तर भी गिरता है। विशेष रूप से, मस्तिष्क का एक विशेष हिस्सा हिप्पोकैम्पस को वजन बढऩे के दौरान कम रक्त प्रवाह प्राप्त होता है। दिमाग का यह हिस्सा दरअसल, हमें नई यादों, सीखने और भावनाओं के लिए ज़िम्मेदार है। वहीं शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि लगातार मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह कम होने से भी अवसाद (Depression), एडीएचडी (ADHD), बॉयोपोलर डिस्ऑर्डर (Biopolar Disorder), सिज़ोफे्रनिया (Schizophrenia), ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी (Traumatic Brain Injury), नशे की लत लगना, आत्महत्या का विचार मन में आना और ऐसे ही अन्य मानसिक विकार हो सकते हैं।
अधिक वजन से दिमाग होता प्रभावित
अध्ययन के प्रमुख लेखक डैनियल जी. एमेन ने कहा कि शोध से पता चला है कि अधिक वजन या मोटापे से मस्तिष्क की गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित होती है और अल्जाइमर रोग के साथ-साथ कई अन्य मनोरोगों और संज्ञानात्मक स्थितियों (Cognitive Conditions) के लिए खतरा बढ़ जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार वर्तमान में 72 प्रतिशत अमरीकी अधिक वजन (Higher Weight) और 42 प्रतिशत अमरीकी मोटापे (Obesity) का शिकार हैं। इसका मतलब है कि देश में कॉग्निटिव हैल्थ (Cognitive Health) का भविष्य खतरे में है।
सिकुडऩे लगता है हमारा दिमाग
डॉ एमेन और उनके सहयोगी एवं द जर्नल ऑफ अल्जाइमर के प्रधान संपादक और टेक्सास विश्वविद्यालय में न्यूरोबायोलॉजी के अध्यक्ष जॉर्ज पेरी ने शोध के निष्कर्ष के आधार पर बताया कि मोटापे और बढ़ते वजन के कारएा दिमाग में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है। इससे धीरे-धीरे हमारा मस्तिष्क सिकुडऩे लगता है जो अंतत: अल्जाइमर रोग को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त होता है। पेरी के अनुसार यह एक प्रमुख कारण है क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रदर्शित करता है कि मोटापा हमारे मस्तिष्क और शरीर पर कैसे प्रभाव डालता है।