स्वास्थ्य

केंद्र ने जारी की गाइडलाइन, हल्के लक्षण वाले बच्चों का घर पर इलाज संभव

- बिना लक्षण वाले बच्चों को किसी तरह के उपचार की जरूरत नहीं है।
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May 01, 2021
केंद्र ने जारी की गाइडलाइन, हल्के लक्षण वाले बच्चों का घर पर इलाज संभव
केंद्र ने जारी की गाइडलाइन, हल्के लक्षण वाले बच्चों का घर पर इलाज संभव

नई दिल्ली। बड़ी संख्या में बच्चे भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोरोना संक्रमित बच्चों की देखभाल के लिए अलग से गाइडलाइन जारी की है। इसमें बताया गया कि बच्चों में एस्मिटमेटिक और हल्के लक्षण के मामले ज्यादा सामने आते हैं। बिना लक्षण वाले बच्चों को किसी तरह के उपचार की जरूरत नहीं है। उन्हें घर में ही मास्क पहनाकर रखा जाए। बिना लक्षण वाले मरीजों की निगरानी करते रहें किसी तरह के लक्षण तो विकसित नहीं हो रहे हैं।

अगर बच्चे में इंफेक्शन के हल्के लक्षण जैसे- गले में खराश, दर्द या कफ है, लेकिन सांस से जुड़ी कोई समस्या नहीं है तो होम आइसोलेशन में रखें। अधिक से अधिक पानी पिलाएं, तरल खाद्य पदार्थ दें। बुखार आने पर 10-15 एमजी पैरासिटामोल दें। ज्यादा तकलीफ होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। जिन बच्चों का ऑक्सीजन लेवल कम है, लेकिन निमोनिया के लक्षण नहीं हैं, उन्हें कोविड हेल्थ सेंटर में एडमिट किया जा सकता है। गंभीर निमोनिया, रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, मल्टी ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम और सेप्टिक शॉक जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बच्चे को तुरंत आइसीयू या एचडीयू में भर्ती करने की सलाह दी गई है।

बच्चों में सामने आ रहे हैं ये लक्षण -
बच्चों में सामने आने वाले सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ, थकान, मायलगिया, नाक से स्त्राव, गले में खराश, दस्त, स्वाद में कमी शामिल है। कुछ बच्चों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, एटिपिकल और मल्टी सिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के लक्षण भी देखे गए हैं।

Updated on:
01 May 2021 01:37 pm
Published on:
01 May 2021 01:37 pm