स्वास्थ्य

Uric acid control : यूरिक एसिड कंट्रोल करने इन चीजों से बनाएं दूरी, करें यह उपाय

Uric acid control : यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए आपको कुछ चीजों से दूरी बनाने के साथ ही कुछ एक्सरसाइज और यह काम जरूर करना चाहिए।
2 min read
• •
Updated: 17 Aug 2021, 2:30 PM IST
Joint pain
Joint pain

यूरिक एसिड एक ऐसा खराब प्रदार्थ है। जो शरीर में जोड़ों के दर्द सहित अन्य समस्याओं का कारण बनता है। दरअसल, जब आप प्यूरीन का अधिक सेवन करते हैं। तो यूरिक एसिड बहुत जल्दी बढ़ने लगता है। इसलिए आप कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इससे बच सकते हैं।

कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि पालक और टमाटर का सेवन नहीं करने से यूरिक एसिड कंट्रोल किया जा सकता है। जबकि ऐसा नहीं है। आप को अगर यूरिक एसिड कंट्रोल करना है। तो कुछ घरेलू उपाय अपनाकर कंट्रोल कर सकते हैं।

यह करें एक्सरसाइज -

यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए आपको एक्सरसाइज करने की बहुत जरूरत होती है। आप हर आधे घंटे में 3 मिनट के लिए खड़े हो जाएं।

-हर दिन कम से कम 1 से 2 बार 1 मंजिल तक सीढ़ी जरूर चढ़े। सप्ताह में दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की प्रैक्टिस करें। हर दिन स्ट्रेचिंग और योग करें।जितना हो सके इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेटस से दूर रहें। क्योंकि आप जितना वक्त इनके साथ बिताते हैं। उतने आलसी प्रवृत्ति के हो जाते हैं। अच्छी नींद के लिए रात में सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध जरूर पिए।

इन चीजों से बनाएं दूरी-

जब यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। तो आपको कुछ चीजों से दूरी बना लेना चाहिए। इसके लिए आप चॉकलेट, बिस्कुट, चिप्स, पैक जूस, टमाटो केचप, आइसक्रीम, सभी फैट वाले पदार्थ, पैकेज्ड फूड आदि को खाने से बचें। इससे यूरिक एसिड और अधिक नहीं बढ़ेगा।

यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए इन फूड्स का करें सेवन-

यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए आप पालक का सेवन कर सकते हैं। लेकिन वह पका हुआ होना चाहिए। इसी प्रकार दही ओर छाछ को अपने आहार में शामिल करें। यूरिक एसिड को नार्मल रखने के लिए जमकर पानी पिए। पानी शरीर में मौजूद खराब प्रदार्थ को बाहर निकालता है। ताजे और मौसमी फल खाएं। जोड़ों की सूजन कम करने के लिए केले का सेवन कर सकते हैं। विटामिन B12 का लेवल को बढ़ाने के लिए हर दिन दूध दही छाछ का सेवन करें। अंकुरित अनाज को भी आहार में शामिल करें और टहलने जाएं। इससे आपका यूरिक एसिड कंट्रोल में रहेगा।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
17 Aug 2021, 2:30 PM IST
Published on:
Also Read
View All
Sun Allergy: धूप में निकलते ही आने लगती हैं छींकें? हार्वर्ड हेल्थ से जानें क्यों रोशनी पड़ते ही सक्रिय हो जाती है नाक

Misophonia: खाना चबाने या सांस लेने की आवाज से चिढ़ जाते हैं, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानिए क्या है मिसोफोनिया और क्यों होती है यह समस्या

Globus Sensation: गले में हर समय कुछ फंसा हुआ क्यों लगता है, क्लीवलैंड क्लिनिक से समझें क्या है ग्लोबस सेंसेशन

Pins and Needles Sensation: थोड़ी देर बैठकर उठते ही पैरों में चींटियां चलने का एहसास किस कारण से होता है, हेल्थलाइन से जानें बचाव के उपाय

Hypersalivation: बिना कुछ खाए भी मुंह में पानी क्यों भरने लगता है? हेल्थलाइन से समझें इसके लक्षण