
होम्योपैथी में इम्युनिटी बढ़ाने की कोई एक दवा नहीं है बल्कि कई सारी औषधियां हैं जिनका उपयोग डॉक्टर रोगी के लक्षण, शरीर की आदतें, उस शरीर की तासीर और फैमिली हिस्ट्री आदि जानने के बाद ही देता है। इसके बाद ही दवा अधिक कारगर होती हैं। होम्योपैथी दवा शरीर में मेटाबॉलिज्म को संतुलित कर प्रतिरोधक शक्ति का मजबूत करती है जिससे शरीर रोगों से आसानी से लड़ सके। इसके साथ ही इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अच्छी दिनचर्या भी बहुत जरूरी है। होम्योपैथी में बीमारियों के शारीरिक-मानसिक कारण होते हैं।
यह मन व शरीर की दवा
मन और शरीर दोनों बीमार हो सकते हैं। इसलिए होम्योपैथी में मन और शरीर दोनों का इलाज होता है। संपूर्ण इलाज होता है। अगर एक को इलाज मिला तो बीमारी दोबारा से वापस आ सकती है। यही कारण है कि होम्योपैथी में बीमारी जड़ से ठीक होती है। एक बार सही व पूरी दवा ले ली गई तो बीमारी दोबारा से नहीं पनपती है।
डॉ. राजीव नागर, वरिष्ठ होम्योपैथी विशेषज्ञ, जयपुर