
सवाल- किडनी में पथरी किस कारण से बनती है। इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए? कई पाठक
जवाब- जब शरीर में पानी की कमी होती है तो यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑग्जिलेट गुर्दे में जमा होने लगते हंै। इस कारण ही पथरी बनती है। बचाव के लिए रोजाना करीब तीन लीटर पानी पीएं और बीज वाली सब्जियां जैसे टमाटर, मिर्च, बैंगन के साथ पालक और हरे पत्तेदार सब्जियां खाने से बचें। इनमें कैल्शियम ऑग्जिलेट ज्यादा होता है। होम्योपैथी में बल्बेरिस वल्गेरिस, सारसपरेला और हाइड्रेंजिया आदि दवाइयां दी जाती है। इनको खाने से पथरी टूटकर बाहर निकल जाती हैं।
सवाल- तनाव की समस्या है। इससे कैसे बचाव करें और होम्योपैथी में इसका क्या उपचार है? अनेक पाठक
जवाब- तनाव से बचने के लिए सही दिनचर्या रखें। शरीर का तापमान अचानक बढऩे-घटने से तनाव होता है। तेज गर्मी से ठंडक या एसी-कूलर से सीधे धूप में जाने से बचें। इससे शरीर को ज्यादा काम करना पड़ता है। नेगेटिव विचार न आने दें। इससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है। तनाव बढ़ता है। रोज करीब 40 मिनट व्यायाम करें। नेट्रमम्यूर, सिपेया, नाइट्रम सल्फ, कालीफॉस दवाइयां भी कारगर हंै। कोई भी दवा बिना डॉक्टरी सलाह न लें।
एक्सपर्ट: डॉ. राजीव नागर और डॉ. कमलेंद्र त्यागी, होम्योपैथी विशेषज्ञ