मासिक धर्म यानी पीरियड्स महिलाओं के लिए सब से कठिन समय में से एक माना जाता है एक उम्र के बाद हर महिला को मासिक धर्म यानी पीरियड्स से गुजरना पड़ता है। हर महीने लगभग 28 दिन के अंतराल पर महिलाओं में पीरियड्स आते हैं। अगर किसी भी महिला को पीरियड्स 24 से 38 दिनों के भीतर आते हैं तो उसे रेगुलर पीरियड्स कहा जाता है। लेकिन जब हर महीने पीरियड्स की साइकिल 24 दिन से पहले या 38 दिनों के बाद आते हैं तो इसे इररेगुलर यानी अनियमित पीरियड्स माना जाता है। मेडिकल की भाषा में इस स्थिति को ओलिगोमेनोरिया के नाम से जाना जाता है

नई दिल्ली : कई ऐसे कारक होते हैं जिनकी वजह से महिलाओं के पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। इसमें शरीर की स्वास्थ्य स्थिति खानपान और लाइफस्टाइल भी शामिल होते हैं। शरीर में पीरियड्स को नियंत्रित करने के लिए एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हॉर्मोन काम करते हैं। इन हॉर्मोन के बढ़ने या घटने पर भी आपको अनियमित पीरियड्स की समस्या हो सकती है। अनियमित पीरियड्स से छुटकारा पाने के लिए आपको किसी एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए लेकिन इसके अलावा कुछ और टिप्स हैं जिनकी सहायता से आप इसे नियंत्रित कर सकती हैं। लेकिन इससे पहले आपको अनियमित पीरियड्स के कारणों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए।
अनियमित पीरियड्स के कारण
अनियमित पीरियड्स या ओलिगोमेनोरिया कई कारणों से हो सकती है। मुख्य रूप से यह आपके शरीर में हॉर्मोन के स्तर में बदलाव से जुड़ी हुई है इसके अलावा कुछ दवाओं का सेवन तनाव और मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्थितियां भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। कई बार महिलाओं में कुछ तात्कालिक कारणों से पीरियड्स में देरी या समय से पहले पीरियड्स आ सकते हैं। लेकिन जब यह समस्या लगातार बनी ररहती है तो इसके लिए ये कारण जिम्मेदार माने जा सकते हैं।
1. हार्मोनल बदलाव
2. तनाव और चिंता
3. कुछ एक्सरसाइज या योग का अभ्यास
4. वजन घटने के कारण
4. कुछ दवाओं का सेवन
5. मेनोपॉज के कारण
6. लैक्टेशनल एमेनोरिया
अनियमित पीरियड्स की समस्या में तिल के बीज का सेवन
इररेगुलर पीरियड्स या अनियमित पीरियड्स की समस्या में तिल के बीज का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद माना जाता है। तिल के बीज के इस्तेमाल से पीरियड्स को रेगुलर करना एक केमिकल फ्री विकल्प है जिसके साइड इफेक्ट्स न के बराबर होते हैं। तिल के बीज में तेल की प्रचुर मात्रा होती है और ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। तिल के बीज का इस्तेमाल प्राचीन काल से भारत में आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी किया जाता है। शरीर की ऊर्जा बढ़ाने, बालों और स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए और दर्द को कम करने के लिए तिल के बीजों का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
अनियमित पीरियड्स को रोकने के लिए कैसे करें तिल का सेवन
सबसे पहले आप एक चम्मच तिल के बीज लें।
अब इन्हें पानी में भिगोकर रख दें।
रात भर तिल को पानी में भिगोने के बाद सुबह इन्हें निकालकर इनका पेस्ट बना लें।
अब इसके पेस्ट को गुड़ के साथ मिक्स कर लें।
और इसका सेवन 5 दिनों तक लगातार करें।
1. तिल के बीज का सेवन पीरियड्स की समस्या में आप कई तरीकों से कर सकती हैं। इसके लिए आप इसे रोस्ट करके स्नैक्स के रूप में भी इसका सेवन कर सकती हैं। पीरियड्स आने की जो डेट है उससे 15 दिन पहले से आप इस तरीके से तिल के बीज का सेवन शुरू कर सकती हैं। इसके अलावा इस बात का ध्यान जरूर रखें कि तिल के बीज का सेवन कम मात्रा में ही करें क्योंकि इनकी तासीर गर्म होती है और अधिक मात्रा में सेवन करने से आपको समस्याएं भी हो सकती हैं।
2. आप पीरियड्स की समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए पीरियड्स आने की डेट से 15 दिन पहले गर्म पानी के साथ दिन में दो बार एक चम्मच तिल के बीज का सेवन कर सकती हैं। इसके लिए आप तिल के बीजों को भूनकर या इन्हें कच्चा ही खा सकती हैं।
3. पीरियड्स की समस्या में सादे तिल के बीज का सेवन आप शहद के साथ भी कर सकती हैं। आप रोजाना एक चम्मच तिल के बीज को शहद के साथ रोजाना खा सकती हैं।
4. आप तिल के बीज को मिठाई के रूप में भी खा सकती हैं। इसके लिए आप तिल के बीजों को भूनकर इसे गुड़ को गर्म कर उसकी राब के साथ मिक्स करके लड्डू बना सकती हैं। इन लड्डुओं का रोजाना संतुलित मात्रा में सेवन कर आप अनियमित पीरियड्स और पीरियड्स के दौरान होने वाली अन्य समस्याओं से छुटकारा पा सकती हैं।
5. इसके अलावा आप तिल के बीज से निकलने वाले तेल का भी सेवन अनियमित पीरियड्स की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कर सकती हैं।