How to know if Mangoes are ripened chemically: गर्मी में आम ना खाया तो क्या खाया। मीठे और रसीले आमों को देखकर किसी से भी बिना खाए नहीं रहा जाएगा। लेकिन क्या आपको पता है इसे पकाने के लिये जो केमिकल्स इस्तेमाल आजकल हो रहे हैं वो सेहत के लिए कितने नुकसानदायक हैं। इसलिए हम आपको बताएंगे की इनकी पहचान कैसे करें।

नई दिल्ली। आम फलों का राजा होता है। बच्चों से लेकर बड़े तक सब इसे गर्मियों के मौसम में खाना पसंद करते हैं। आम विटामिन A और विटामिन C से भरपूर होता है और इसमें बहुत सारे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। आम में बहुत सारे एंटी ऑक्सीडेंट्स होते हैं जिनको खाने से शरीर में आराम मिलता है और यह कई बीमारियों से हमें बचाता भी है। पर क्या आपको पता है कि आजकल बाजार में बिकने वाले कुछ आम सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं क्योंकि ये बहुत ही खतरनाक केमिकल्स ( How to know if Mangoes are ripened chemically ) से पकाए जाते हैं। जो शरीर में फायदा तो नहीं बल्कि नुकसान जरूर पहुंचाते हैं।
भारत में कृत्रिम रूप से फलों को पकाने का चलन तेजी से चल रहा है। बढ़ती आबादी और डिमांड को पूरा करने के लिए केमिकल्स का सहारा लिया जा रहा है, जो कि सेहत के लिए घातक है। आम को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का यूज़ किया जाता है। इसके पैकेट को आम की टोकरी में रात भर के लिए रख दिया जाता है। फिर इसमें एसिटिलीन नामक गैस बनती है जो फलों को पकने में मदद करती है। कृत्रिम रूप से आम ही नहीं बल्कि कई सारे फलों को पकाया जाता है।
कैल्शियम कार्बाइड जो FSSAI में प्रतिबंधित है तो सोचिए ये कितना खतरनाक होगा। इसकी वजह से चक्कर आना, नींद ना आना धीरे- धीरे यादाश्त चली जाना जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं। ये फलों के नेचुरल मिठास को कम कर देता है। ये उतना ही तेज़ी से सड़ भी जाता है यदि इसे एक-दो दिन के अंदर खाया नहीं जाए तो।
कैसे करें जांच
आप बाल्टी भर पानी लें और उसमें सारे आमों को डाल दें, यदि वे डूब जाते हैं तो नेचुरल हैं और अगर वो ऊपर तैरने लगे तो समझ जाइए ये केमिकल्स द्वारा पकाए हुए हैं। इसके अलावा जो कृत्रिम तरीके से पके हुए आम होंगे, उन पर अधिकतर हरे रंग के धब्बे देखने को मिलेंगे। बता दें कि ये पीले रंग के आमों से अलग होते हैं।