
कोरोनावायरस अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालता है और यही कारण है कि सबके लक्षण अलग नजर आते हैं। कई बार कोरोना के लक्षण भले ही नजर न आएं, लेकिन व्यक्ति संक्रमित होता है और वह दूसरों को संक्रमण दे सकता है। ऐसे लोग एसिम्प्टोमेटिक होते हैं।
वायरस का असर सब पर इम्युनिटी के आधार पर होता है। मजबूत इम्युनिटी वाले ही ज्यादतार एसिम्प्टोमेटिक होते हैं। भले ही उनपर कोरोना का प्रभाव ज्यादा न हो लेकिन वो दूसरे को संक्रमित जरूर कर सकते हैं। तो चलिए जानें कि कैसे पता करें कि आप कहीं एसिम्प्टोमेटिक तो नहीं?
बच्चे होते हैं ज्यादातर एसिम्प्टोमेटिक
ड्यूक यूनिवर्सिटी के एक स्टडी के मुताबिक 6 से 13 वर्ष की आयु के बच्चे ज्यादातर एसिम्प्टोमेटिक होते हैं क्योंकि उन्हें सामान्य रूप से श्वसन संबंधी वायरल बीमारियां अधिक होती हैं। इसलिए जब उन्हें COVID-19 मिलता है, तो यह कम खतरनाक होता है। वहीं, इन्हें कई तरह के संक्रामक बीमारियों के टीके भी लगे होते हैं। ऐसे में इनपर कोविड का असर उतना नजर नहीं आता।
ये तीन तरीके एसिम्प्टोमेटिक होने का पता बताएंगे -These three methods will tell the address to be asymptomatic
सामान्य कोविड लक्षण क्या हैं?
अधिकांश सामान्य COVID लक्षण सर्दी और फ्लू के समान होते हैं, और उनमें बुखार, सिरदर्द, गंध और स्वाद की कमी, गले में खराश, नाक बहना कुछ सामान्य कोविड लक्षण हैं। लोगों को शरीर में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, लाल या चिड़चिड़ी आंखें, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई और बोलने में कमी का भी अनुभव होता है
हाल ही में, Omicron BA.2 और XE वेरिएंट में कुछ और लक्षण भी नजर आने लगे हैं। इसमें मिचली दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, बुखार, सिर में दर्द, आंखों में दिक्कत, आंत में सूजन आदी होना शामिल है।
डिस्क्लेमर- आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए दिए गए हैं और इसे आजमाने से पहले किसी पेशेवर चिकित्सक सलाह जरूर लें। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने, एक्सरसाइज करने या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।