
लॉकडाउन में छूट मिल जाए लेकिन इसे यह नहीं समझें कि कोरोना वायरस खत्म हो गया या उसका रिस्क घट गया है। कोरोना का खतरा पहले की तुलना में अब ज्यादा है। बहुत जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचें। अगर निकलते हैं तो मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। हाथों को सैनिटाइज करते रहें। जानते हैं कि अगर आपको बाहर निकलना पड़ रहा है तो किस-किस तरह की परेशानियां आ सकती हैं और उससे कैसे निपटा जा सकता है। इसके लिए पत्रिका ने देश के पांच बड़े चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों की राय ली है ताकि पाठकों को राहत मिल सके?
कोरोना जैसे लक्षण दिखें तो
तेज बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, सूखी खांसी आदि लक्षण हैं तो पास के सरकारी हॉस्पिटल में तत्काल दिखाएं। हॉस्पिटल्स में फ्लू सेंटर्स बनाए गए हैं जहां जांच और इलाज की सुविधा है। इस दौरान मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं। परिवार के सदस्यों से भी दूरी बनाकर रहें। अगर किसी कारण जांच में देरी हो रही है तो अपने घर के एक कमरे में खुद को आइसोलेट कर लें। मन से दवा न लें।
ऑफिस जा रहे हैं तो
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल न करें। बेल्ट, घड़ी और अंगूठी न पहनें। टिफिन -पानी साथ ले जाएं। कैंटीन की जगह टेबल पर भोजन करें। ऑफिस पहुंचकर डेस्ट, की-बोर्ड, कम्प्यूटर स्क्रीन और माउस आदि को साफ कर लें। रेलिंग, दरवाजों के हैंडल, लिफ्ट के बटन और पैसों को छूने के बाद हाथों को अच्छे से साफ करें। सीढिय़ों का इस्तेमाल करें।
बाहर से घर आते हैं तो
संभव हो तो घर पहुंचने से पहले मोबाइल से घरवालों को बता दें ताकि कॉलबेल, दरवाजा आदि छूने से बच जाएंगे। जूते-चप्पल बाहर ही रखें। फिर सीधे बाथरूम में जाएं और वहां साबुन लगाकर अच्छे से नहाएं। कपड़े को एक घंटे के लिए डिटरजेंट में भिंगो दें। अगर वायरस होगा भी तो मर जाएगा। इसके बाद मोबाइल-पैसों को सैनिटाइज करें। उसके बाद एक गिलास गुनगुना पानी पी लें।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी करवा रहे हैं तो
कोशिश करें कि बाहर से खाना मंगवाना न पड़े। अगर बहुत जरूरी है तो कुछ कंपनियां नो कॉन्टेक्ट डिलीवरी का विकल्प दे रही हैं। इसे अपना सकते हैं। सबसे पहले उस पैकेट को डिसइंफेक्ट करें। फिर उस खाने को एक बार और गर्म करें। जंक और नॉनवेज का ऑर्डर करने से बचें। इनमें फैट और नमक ज्यादा होता है। इससे शरीर की इम्युनिटी कम होती है।