स्वास्थ्य

आयुर्वेद के ये उपाय अपनाएंगे तो बारिश में नहीं पड़ेंगे बीमार

बारिश में दूषित खानपान व पानी से वायरल, बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन बढ़ जाते हैं। इससे जुकाम, खांसी, बुखार के साथ आंखों में इंफेक्शन होता है। इसके लिए आयुर्वेदिक इलाज और घरेलू नुस्खों से आप सुरक्षा कवच बना सकते हैं जिससे इन बीमारियों से बच सकेंगे।

2 min read
Jun 22, 2020
आयुर्वेद

जुकाम, बुखार होने पर क्या करें
किसी भी प्रकार के संक्रमण में सबसे शरीर का तापमान असंतुलित होता है। इससे बुखार आना या ठंड लगना एक प्रमुख लक्षण होता है। इसके लिए संजीवनी की गोली, त्रिभुवन कीर्ति रस, आनंद भैरव रस और गिलोय सत्व को आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से सुबह शाम ले सकते हैं।
खांसी में कारगर
एक चम्मच या 2-3 ग्राम शितोप्लाधि चूर्ण एक चम्मच शहद या आधी चम्मच अदरक के रस के साथ लेना फायदेमंद है। यह मिश्रण दिन में तीन बार लिया जा सकता है। इसको लेने के तुरंत बाद पानी या कोई तरल चीज लेने से बचना चाहिए।
संक्रमण से बचाव जरूरी
किसी भी संक्रमण में इलाज के साथ बचाव जरूरी होता है। साफ सफाई का ध्यान रखने के साथ भोजन से पहले, आंखों में खुजली आदि करने से पहले हाथों को अच्छे से धोएं। बारिश के मौसम में पानी उबालकर पीने की कोशिश करें। बासी, अधपका भोजन व बाजार की पैक्ड व प्रोसेस्ड चीजों का प्रयोग न करें। फल, सब्जी, डेयरी प्रोडक्ट ताजा खरीदें।
ऐसे करें आंखों की सुरक्षा
आंखों में खुजली व लालिमा के साथ एलर्जी होने पर आंखों पर फिटकरी या त्रिफला के ठंडे पानी का बार -बार छींटा दें। इसके लिए रातभर पानी में आधी चम्मच त्रिफला चूर्ण भिगोएं। सुबह छानकर प्रयोग करें।
ये घरेलू नुस्खे आजमाएं
इस मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए ये घरेलू नुस्खे आजमा सकते हैं।
1- तुलसी की 8-10 पत्तियां, 2 लौंग, 4 कालीमिर्च, छोटा टुकड़ा अदरक, 4-5 पुदीने की पत्तियां उबालें। छानकर चुटकीभर सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम पीएं।
2- 2-3 ग्राम अविपत्ति का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ भोजन के बाद लें। एसिडिटी, अपच व खट्टी डकार से राहत मिलेगी।
3- कब्ज में रात को सोते समय पंचसकार या त्रिफला चूर्ण की २-३ ग्राम की मात्रा फांक लें।
4- बैक्टीरियल संक्रमण से दस्त की समस्या आम है। ऐसे में छिलके वाली मूंग की दाल की खिचड़ी बनाकर खाएं।
एक्सपर्ट : वैद्य बंकटलाल पारीक, जोधपुर

Published on:
22 Jun 2020 07:00 pm