
गर्मियों के मौसम में खान-पान में आए थोड़े से बदलाव के कारण लूज मोशन यानी दस्त की समस्या हो जाती है। वैसे तो यह समस्या बहुत छोटी है। लेकिन लगातार दस्त लगने से व्यक्ति कमजोर हो जाता है। ऐसे में समय रहते इस बीमारी का उपचार करना जरूरी है। आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताएंगे, जिसके माध्यम से आप घर में रहकर ही इसका उपचार कर सकते हैं।
जानकारी के अनुसार दस्त लगने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है और शरीर कमजोर हो जाता है। ऐसे में व्यक्ति के शरीर में ताकत भी नहीं बचती है। इसलिए समय रहते दस्त पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी होता है। दस्त अस्वस्थ भोजन और दूषित पानी के सेवन से हो जाते हैं। कई बार बासी खाना खाने से, तली गली चीज खाने से, मानसिक तनाव से भी दस्त की समस्या हो जाती हैं। वहीं छोटे बच्चों को भी दस्त की समस्या हो जाती है। बच्चों को दूध पिलाते हुए थोड़ा सा ध्यान नहीं देने पर भी उन्हें दस्त की समस्या हो जाती है। क्योंकि कई बार बच्चे की बोतल ठीक से नहीं धोने, बाहर का कुछ खाने और संक्रमण के कारण बच्चों को दस्त लग जाते हैं। इसलिए दस्त से बचना बहुत जरूरी है। दस्त के कारण पूरा शरीर दर्द करने लगता है। भूख नहीं लगती है और हाथ पैर में भी जलन होती है।
यह करें उपाय....
-दस्त लगने पर 1 लीटर पानी में एक चम्मच सूखे धनिया को डालकर उबालें और जब पानी आधा रह जाए तो उसे छानकर ठंडा कर लें और थोड़ी थोड़ी देर में पीते रहें इससे दस्त में राहत मिलेगी।
-नींबू से भी दस्त में राहत मिलती है, इसके लिए एक कप पानी में एक छोटा चम्मच नींबू का रस मिलाएं और सुबह दोपहर शाम को खाली पेट या खाने के बाद पीएं। इससे आंतों की सफाई हो जाएगी और दस्त से राहत मिलेगी।
-दस्त लगने पर एक कप दही या मट्ठे में आधा चम्मच सीका हुआ जीरा मिलाकर पीएं, इससे फायदा होगा।
-दस्त लग रही है तो एक छोटा चम्मच कच्ची सौंफ और एक छोटा चम्मच सिकी सौंफ दोनों को मिलाकर आधा आधा छोटा चम्मच सुबह-शाम खाएं, इससे दस्त में आराम मिलेगा।
-दस्त लगने पर कच्चे पपीते के चार पांच टुकड़ों को उबालकर खाने से आराम मिलता है।
-दस्त के दौरान रोगी को मूंग की दाल, मसूर की दाल का सूप, मट्ठा, दही, मूंग की खिचड़ी, दलिया आदि देना चाहिए। तेल वाला खाना नहीं देना चाहिए। बाहर का खाना पिज्जा, बर्गर पेस्टी आदि भी नहीं देना चाहिए। इस दौरान पानी उबालकर पीना चाहिए। बासी खाना नहीं खाना चाहिए और पौष्टिक आहार जैसे दलिया खाना चाहिए। दस्त के दौरान व्यक्ति को आराम करना चाहिए। हाथ अच्छे से धोना चाहिए, भूखा नहीं रहना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी भी पीना चाहिए।