स्वास्थ्य

सावधान! अगर आप भी करते हैं ये गलती तो जल्द आ सकता है बुढ़ापा

हाल ही में हुए एक ताजा शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि स्मार्टफोन, टैबलेट और कम्प्यूटर जैसी डिजिटल डिवाइस की स्क्रीन के लगातार संपर्क में आने से हमारी त्वचा पर झुर्रियां (स्किन एजिंग) जल्दी आ सकती हैं।

2 min read
May 18, 2020
सावधान! अगर आप भी करते हैं ये गलती तो जल्द आ सकता है बुढ़ापा
सावधान! अगर आप भी करते हैं ये गलती तो जल्द आ सकता है बुढ़ापा

हाल ही में हुए एक ताजा शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि स्मार्टफोन, टैबलेट और कम्प्यूटर जैसी डिजिटल डिवाइस की स्क्रीन के लगातार संपर्क में आने से हमारी त्वचा पर झुर्रियां (स्किन एजिंग) जल्दी आ सकती हैं। इतना ही नहीं लगातार स्क्रीन पर देखने और इसकी सफेद-नीली रोशनी से अनिद्रा, मूड स्विंग होना और आंखों की एलर्जी का कारण भी बन सकता है। इसका एक कारण यह है कि गैजेट्स और डिवाइस पर लगातार काम करने से हमारा बाहर निकलना कम हो गया है जिससे सूर्य के प्रकाश से हमारा एक्सपोजर कम हो गया है और रात में अपेक्षाकृत उच्च स्तर के कृत्रिम प्रकाश के संपर्क में रहने से हमारी त्वचा पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। सारा दिन कंप्यूटर पर बैठना और रात में फोन पर सोशल मीडिया पर व्यस्त रहने के कारण हमारी पीढ़ी का स्क्रीन टाइम एक्सपोजऱ पिछली पीढिय़ों की तुलना में बहुत अधिक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कम्प्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल की डिजिटल स्क्रीन से 'ब्लू लाइट' उत्सर्जित होती है जिसकी सबसे छोटी तरंग दैध्र्य (शॉर्ट वेवलैंथ) 450x490 नैनोमीटर (एनएम) होती है जो बेहद उच्च मात्रा में ऊर्जा का एक छोटा अमाउंट है।

शोध में सामने आया कि हमारी त्वचा भी हमारी उम्र बढऩे के साथ बूढ़ी होती है जो एक प्राकृतिक क्रमिक प्रक्रिया है। लेकिन आधुनिक गैजेट्स और डिवाइस से निकलने वाली इस नीली रोशनी के लगातार संपर्क में आने से यह मुक्त कणों (फ्री रैडिकल्स) उत्पन्न करता है जो त्वचा को समय से पहले झुर्रीदार बनाने का काम करते हैं। क्योंकि इससे उच्च ऊर्जा निकलती है इसलिए यह त्वचा के टिश्यू में गहराई से प्रवेश कर सकता है और त्वचा को और नुकसान पहुंचा सकता है। इतना ही नहीं यह रात में अच्छी नींद के लिए उत्तरदायी सर्कैडियन रिदम और ऊतकों की मरम्मत के लिए आवश्यक है।

Published on:
18 May 2020 05:11 pm