
यह स्वाद के साथ सेहत को भी बढ़ाती है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटिन के अलावा कई पोषक तत्व होते हैं जो इम्युनिटी को बढ़ाते हैं। इसका उपयोग आयुर्वेद में कई बीमारियों से बचाव में किया जाता है। इसको सुबह के समय खाली पेट चबाने से अधिक लाभदायक होता है।
सर्दी-जुकाम: सर्दी-जुकाम होने पर इसका काढ़ा बनाकर पीने से सर्दी-जुकाम के साथ गले की समस्या में राहत मिलती है।
एसिडिटी- जिनको गैस और एसिडिटी की समस्या रहती है, वे आधा कटे नींबू पर काला नमक और कालीमिर्च लगाकर हल्का गर्म कर लें और इसको धीरे-धीरे चूसें। आराम मिलेगा।
तनाव- इसमें पिपराइन- एंटीडिप्रेसेंट के गुण होते हैं। जिन लोगों को डिप्रेशन की समस्या है, उनके लिए काली मिर्च काफी लाभकारी होती है। इसकी तासीर गर्म होती है। इसलिए ज्यादा मात्रा में न लें।
कैंसर- विटामिन सी, विटामिन ए, फ्लेवोनॉयड और एंटीऑक्सीडेंट के साथ और भी कई तत्व मौजूद होते हैं जो कैंसर से लडऩे में मददगार हैं। इससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी कुछ हद तक घटता है।
मोटापा- सुबह गर्म पानी में कालीमिर्च, हल्दी, अदरक और नींबू का रस मिलाकर पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है और मोटापा कम होता है। हल्दी में करक्यूमिन होता है जो कालीमिर्च के पिपराइन से मिलकर अधिक काम करती है।