
आयुष मंत्रालय ने कोविड के मरीजों को च्यवनप्राश खाने की सलाह दी है। इसकी तासीर उष्ण और गरिष्ठ होती है। पाचन को ध्यान में रखकर खाएं।
इ समें आंवला, दशमूल के द्रव्य, पिपली, कंटकारी, त्रिफला, त्रिकटु, शहद, लौंग, इलायची, सौंठ, आदि 50 औषधियां पड़ती है। यह कफज व्याधियों में फायदेमंद है। इसके नियमित सेवन करने से फेफड़े मजबूत होते हैं। श्सवन तंत्र सही होता है। इससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। टीबी, अस्थमा, एलर्जी आदि के रोगी अवश्य रूप से च्यवनप्राश खाएं। लाभ मिलेगा।
बुजुर्गों-बच्चों को जरूर दें
बच्चों-बुजुर्गों को सर्दी-खांसी समस्या अधिक होती है। उन्हें पाचन के अनुसार रोज खाने को दें। गर्मी में एक
-एक चम्मच सुबह-शाम ले सकते हैं।
दस्त-कब्ज में कम खाएं
च्यवनप्राश सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से लेना फायदेमंद होता है। यह अग्नि को बढ़ा देता है। ज्यादा लेने से दस्त, कब्ज और गैस आदि की समस्या हो सकती है। ऐसे में इसकी मात्रा कम कर दें। डायबिटीज के मरीज शुगर फ्री च्यवनप्राश ही खाएं।