
केसर में विटामिंस, मिनरल्स, पोटैशियम, एंटीबैक्टीरियल तत्व और एंटीआक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मिलते हंै। वहीं शहद प्राकृतिक प्रतिरोधक होता है जो बीमारियों से बचाव करता है। अगर बच्चे सात साल से छोटे हैं तो एक चम्मच शहद में केसर की एक-दो कतरन रोज देना चाहिए जबकि बच्चे की उम्र 7-12 वर्ष के बीच में है तो उसे एक चम्मच शहद के साथ 2-3 कतरन केसर के दें। वहीं वयस्कों को रोज 3-4 कतरन केसर और एक चम्मच शहद देने से इम्युनिटी बढ़ती है। इसी तरह खमीरा मरवरीद और खमीरा बनेफ्शा देने से भी शरीर की इम्युनिटी बढ़ती है। पांच साल से छोटे बच्चे हैं तो उन्हें 4-5 ग्राम, 12 साल से छोटे बच्चों को 6-7 ग्राम और वयस्क को 10 ग्राम की मात्रा में देना चाहिए। इससे अधिक लेने से बचें। इससे दिक्कत हो सकती है। ग्वारपाठे यानी एलोवेरा का हलवा भी शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाता है। इससे शरीर मौमसी बीमारियों से बचती है। कोई भी दवा लेने से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
डॉ. मो. आसिफ खान, यूनानी विशेषज्ञ