स्वास्थ्य

नकसीर आए तो 5 मिनट नाक को दबाएं, फिर बर्फ से सेक करें

सवाल- बच्चों की उम्र 7-10 साल है। अचानक से उनके नाक से खून आ जाता है और फिर थोड़ी देरी में ठीक भी हो जाता है?
less than 1 minute read
Jun 23, 2020
नकसीर आए तो 5 मिनट नाक को दबाएं, फिर बर्फ से सेक करें
नकसीर आए तो 5 मिनट नाक को दबाएं, फिर बर्फ से सेक करें

सवाल- बच्चों की उम्र 7-10 साल है। अचानक से उनके नाक से खून आ जाता है और फिर थोड़ी देरी में ठीक भी हो जाता है? कई पाठक
जवाब- नाक में सूखेपन से अंदर पपड़ी जम जाती है। नाक के आगे की हिस्से में खून की नलियां होती हैं जो हल्की चोट से भी फट जाती हैं। इसे नकसीर कहते हैं। बच्चा नाक में अंगुली डालता है तो ऐसा होता है। नाक में मांस बढऩे, जुकाम, एलर्जी या खून में खराबी से ऐसा हो सकता है। ऐसा न हो इसलिए नाक में कई बार मीठा तेल लगाएं। नकसीर होने पर आगे की ओर नाक कर पांच मिनट तक बंद रखें और दिन में तीन बार बर्फ से सेक करें। इसके बाद स्थाई इलाज के लिए डॉक्टर को दिखा लें।
सवाल-खर्राटे की समस्या रहती है। इससे कैसे निजात मिले। कोई उपाय बताइए? अनेक पाठक
जवाब-खर्राटे की मुख्य वजह मोटापा है। इसलिए वजन नियंत्रित रखें। नियमित योग, व्यायाम व प्राणायाम करें। अल्कोहल व नींद की गोलियों से खर्राटे बढ़ते हंै। सीधे सोने की बजाय करवट लेकर सोने से खर्राटे कम आते हैं। दिनचर्या अच्छी रखें। यदि रात को सोते समय ऑक्सीजन की कमी महसूस होती व नींद टूटती और सुबह फ्रेश महसूस नहीं करते हैं तो स्लीप एप्निया हो सकता है। किसी विशेषज्ञ को दिखाकर इसका इलाज लें। इससे लाभ जरूर मिलेगा।
डॉ. तरुण ओझा और डॉ. शुभकाम आर्य, सीनियर ईएनटी सर्जन

Published on:
23 Jun 2020 01:00 pm
Also Read
View All
Bladder Cancer: पेशाब में जलन और खून कब हो सकता है गंभीर बीमारी का संकेत? जानिए मेयो क्लिनिक की गाइडलाइन

किस उम्र के लोगों को लेनी चाहिए कितने घंटे की नींद? कम नींद होने से क्या नुकसान, नींद में रोज मर्रा की कौन सी आदतें बाधक

Infant Acid Reflux: दूध पीने के बाद बार-बार उल्टी करता है बच्चा? इन्फेंट एसिड रिफ्लक्स हो सकता है वजह, मेयो क्लिनिक से जानें कब चिंता की जरूरत

Intracranial Hypertension: बढ़ा हुआ ब्रेन प्रेशर क्या होता है? एनएचएस से जानें इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंश के संकेत

Anaphylaxis: अचानक सांस लेने में दिक्कत और गले में सूजन? ये एलर्जी रिएक्शन हो सकता है, क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें एनाफिलेक्सिस के संकेत